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शाम और इराक़ में ग़ैर मुल्की जंगजूओं की आमद को रोकना एक चैलेंज

शिद्दत पसंद तंज़ीम दाइश को मुकम्मल तौर पर तबाह करने की अमरीकी क़ियादत में आलमी कोशिशें जहां सुस्तरवी का शिकार हैं वहीं ग़ैर मुल्की जंगजूओं की शाम और इराक़ में आमद को रोकने के हवाले से होने वाली कोशिशों में पेशरफ़्त भी सुस्त है।

अमरीकी ओहदेदार कई माह से ये कह रहे हैं कि इत्तिहादी फ़ोर्सेस की तरफ़ से 7,000 से ज़ाइद फ़िज़ाई कार्यवाईयों में जितनी तादाद में हम इन अस्करीयत पसंदों को हलाक करते हैं उतनी ही तादाद में दाइश दूसरे जंगजूओं को उनकी जगह तैनात कर रही है।

इन नए जंगजूओं में से चंद एक गोरीला जंग के फ़न में नव आमोज़ हैं ताहम बहुत से ऐसे नहीं हैं। एक अमरीकी ओहदेदार ने शनाख़्त ज़ाहिर ना करने की शर्त पर बताया कि आम तौर पर हमारा मुशाहिदा यही है कि दाइश (में भर्ती होने वाले) हिक्मते अमली में महारत रखते हैं। उन्होंने मज़ीद कहा कि उनकी बड़ी तादाद लड़ाई का काफ़ी तजुर्बा रखती हैं।

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