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शाम को तबाह-ओ-ताराज करने की साज़िश, बशर अल असद को अवामी ताईद का दावा

दमिश्क़, 12 फरवरी: शाम में जारी सूरत-ए-हाल के लिए 29 बैरूनी मुमालिक ज़िम्मेदार हैं, जो शाम को अदम इस्तिहकाम का शिकार बनाने की कोशिश में मसरूफ़ हैं। मुजरिमाना सरगर्मीयों में मुलव्वस अफ़राद को तुर्की-शाम सरहद के ज़रिये शाम में दाख़िल क

दमिश्क़, 12 फरवरी: शाम में जारी सूरत-ए-हाल के लिए 29 बैरूनी मुमालिक ज़िम्मेदार हैं, जो शाम को अदम इस्तिहकाम का शिकार बनाने की कोशिश में मसरूफ़ हैं। मुजरिमाना सरगर्मीयों में मुलव्वस अफ़राद को तुर्की-शाम सरहद के ज़रिये शाम में दाख़िल करवाया जा रहा है जो शाम के हालात को अबतर कर रहे हैं।

मर्कज़ी वज़ीर‍ ए‍ इत्तेलआत जन्हूरीया अल अरब शाम जनाब इमरान आबिद ने हिंदूस्तानी सहाफ़ती वफ़द के अरकान से मुलाक़ात के दौरान ये दावा किया। उन्होंने बताया कि अमेरीकी-ओ-इसराईली मुफ़ादात की तकमील के लिए 29 ममालिक इत्तेहाद का मुज़ाहिरा करते हुए शाम के हालात बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने 22 माह बाद अब हालात के बेहतर होने का दावा करते हुए कहा कि ममलकत शाम और हुकूमत शाम इन हालात के बावजूद मुस्तहकम है और अब तक हालात ख़राब होने की इत्तेलाआत जो दुनिया के दीगर हिस्सों में पहुंच रहे हैं इसके लिए मग़रिबी मीडीया ज़िम्मेदार है।

मिस्टर इमरान आबिद अल ज़ईबी जो कि सयासी मुज़ाकरात के लिए बशर अल असद हुकूमत की जानिब से तशकील दी गई कमेटी के तर्जुमान हैं ने बताया कि शाम के हालात को बेहतर बनाने के लिए मुज़ाकरात और सयासी इस्लेहात के इलावा दूसरा कोई रास्ता नहीं है।

उन्होंने एतराफ़ किया कि बशर अल असद हुकूमत और मौजूदा सयासी निज़ाम से कुछ गलतीयां ज़रूर हुई हैं इनका अज़ाला नागुज़ीर है। अल ज़ईबी ने गुज़श्ता शब ख़ुसूसी मुलाक़ात के दौरान स्टाफ़ रिपोर्टर “सियासत” की जानिब से हिंदूस्तान और शाम के ताल्लुक़ात और हिंदूस्तानी हुकूमत के मौजूदा शोरिश की सूरत-ए-हाल में रोल के मुताल्लिक़ इस्तिफ़सार पर बताया कि हकूमत-ए-हिन्द की ग़ैर जांबदाराना पालिसी का एहतेराम करते हैं और हकूमत-ए-हिन्द की पालिसी इतमीनान बख्श है।

उन्होंने दावा किया कि अंदरून-ए-मुल्क हालात ख़राब करने वाले अनासिर बैरूनी दर अंदाज़ हैं जो शाम में शोरिश पैदा करते हुए अवाम को बाग़ी बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शामी अवाम मुत्तहिद हैं और ज़ायदाज़ 80% अवाम की बशर अल असद को ताईद हासिल है चूँकि सदर शाम ने नाज़ुक हालात में भी मुल्क को तबाही से बचाने की कामयाब कोशिश की।

मर्कज़ी वज़ीर‍ ए‍ इत्तेलाआत शाम ने कहा कि शाम हथियार से ज़्यादा ज़राए इबलाग़ के ज़रीया लड़ी जाने वाली जंग पर तवज्जा मर्कूज़ किए हुए है। चूँकि ग़लत इत्तेलाआत के ज़रीया दुनिया को गुमराह किया जा रहा है। आज दिन में हिंदूस्तानी वफ़द के अरकान ने मर्कज़ी वज़ीर बर्क़ी-ओ-तवानाई शाम अलमहंदस इमादा से मुलाक़ात करते हुए शाम में जारी गुज़श्ता दो साल की शोरिश के दौरान पैदा शूदा सूरत-ए-हाल पर तबादला-ए-ख़्याल किया।

वज़ीर मौसूफ़ ने दौरान मुलाक़ात इस बात का इन्किशाफ़ किया कि बशर अल असद हुकूमत के मुख़ालिफ़ीन जो तशद्दुद बरपा कर रहे हैं उन्होंने ना सिर्फ़ अवाम को बल्कि महकमा बर्क़ी की इम्लाक को भी नुक़्सान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि गुज़श्ता दो बरसों के दौरान हुए नुक़्सानात का अंदाज़ा 300 मिलीयन डालर का लगाया है जो कि सिर्फ़ इमलाक को हुआ है।

इलावा अज़ीं ख़ानाजंगी की इस सूरत-ए-हाल से बर्क़ी बिल्स वग़ैरा की वसूली पर भी काफ़ी असर पड़ा है और इसका तख़मीना लगाने पर पता चला है कि 218 बिलीयन शामी पाउंड बर्क़ी बिल्स वसूल तलब हैं। मिस्टर अलमहंदस इमादा ख़मीस ने दौरान गुफ़्तगु बताया कि महकमा बर्क़ी के मुलाज़मीन सिर्फ़ दिन के औक़ात में मुतास्सिरा इलाक़ों में ख़िदमात अंजाम दे रहे हैं चूँकि बाग़ीयों ने अब तक 81 मुलाज़मीन को क़त्ल किया है और 157 शदीद ज़ख़मी हुए हैं जबकि 29 मुलाज़मीन का अग़वा किया जा चुका है।

अरब ममालिक के बाग़ीयों को मदद का दावा

शाम में बदअमनी फैलाने के लिए अरब ममालिक ना सिर्फ़ हथियारों से मदद फ़राहम कर रहे हैं बल्कि वो दौलत भी लुटा रहे हैं। वज़ीर‍ ए‍ इत्तेलात शाम मिस्टर इमरान आबिद अलज़ईबी ने एक ख़ुसूसी मुलाक़ात के दौरान ये बात कही। उन्होंने सऊदी अरब क़तर और तुर्की पर बदअमनी फैलाने के इल्ज़ामात आइद करते हुए कहा कि तुर्की ने ताहाल ज़ायदाज़ 20 मिलीयन डालर ख़र्च की। शाम में बाग़ीयों को मुस्तहकम किया है।

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