Wednesday , September 20 2017
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शाम महसूर क़स्बे में इमदाद की फ़राहमी के लिए रज़ामंद

अक़वामे मुत्तहिदा का कहना है कि शाम की हुकूमत मदायह क़स्बे में लोगों तक इन्सानी इमदाद की फ़राहमी के लिए तैयार हो गई है। मदायह शाम का वो क़स्बा है जहां हुकूमत मुख़ालिफ़ बाग़ीयों का कंट्रोल है।

बाअज़ इत्तिलाआत के मुताबिक़ मदायह के लोग भूक से मौत के दहाने पर हैं और उन्हें फ़ौरी तौर पर इन्सानी इमदाद की ज़रूरत है। अक़वामे मुत्तहिदा के आलमी ख़ुराक प्रोग्राम का कहना है कि अगर रसाई हासिल हो गई तो पीर तक ट्रक आ जाएंगे।

इमदादी इदारों का कहना है कि दमिश्क़ के क़रीब वाक़े मदायह में हालात बहुत बुरे हैं। मदायह दमिश्क़ के शुमाल मग़रिब में तक़रीबन 25 किलोमीटर दूर और लुबनान की सरहदसे तक़रीबन 11 किलोमीटर पर वाक़े है। जुलाई से सरकारी फ़ौज और उन की लेबनानी इत्तिहादी शीया तंज़ीम हिज़्बुल्लाह ने इस इलाक़े का मुहासिरा कर रखा है।

अक़वामे मुत्तहिदा का कहना है कि उन्होंने शुमाल में वाक़े फ़ौहो और कैफ़रिया तक भी रसाई की इजाज़त हासिल ले ली ताहम मदायह के बरअक्स ये इलाक़े बाग़ीयों के घेरे में हैं।

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