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शुऐब अल्लाह की शख़्सियत से नई नसल को वाक़िफ़ करवाना वक़्त की अहम ज़रूरत

हैदराबाद २३ अगस्त (सियासत न्यूज़) रोज़नामा सियासत का वजूद मुस्लमानों की रहनुमाई और उन की सरबुलन्दी की ग़रज़ से अमल में आया। आज़ादी हिंद के बाद हैदराबादी मुस्लमानों की बेचैनी और अफ़रातफ़री के माहौल को ख़तन करने और उन्हें इस्तिहक

हैदराबाद २३ अगस्त (सियासत न्यूज़) रोज़नामा सियासत का वजूद मुस्लमानों की रहनुमाई और उन की सरबुलन्दी की ग़रज़ से अमल में आया। आज़ादी हिंद के बाद हैदराबादी मुस्लमानों की बेचैनी और अफ़रातफ़री के माहौल को ख़तन करने और उन्हें इस्तिहकाम बख़शने में सियासत ने कामयाब रोल अदा किया और अपने क़ियाम से लेकर आज तक हर दौर के मिली मसाइल की रोज़नामा सियासत की जानिब से भरपूर रहनुमाई जारी ही।

इन ख़्यालात का इज़हार ऐडीटर रोज़नामा सियासत जनाब ज़ाहिद अली ख़ां ने किया जो आज यहां सुंदरिया वगनाना केंद रुम बाग़ लिंगम पली में शहीद शुऐब अल्लाह ख़ां की याद में मुनाक़िदा इजलास को मुख़ातब करते हुए किया। इस मौक़ा पर शुऐब अल्लाह ख़ां की फ़ोटो तक़रीब की निक़ाब कुशाई अमल में लाई गई।

इस तक़रीब का इनइक़ाद आवाज़ तंज़ीम की जानिब से किया गया था। इस इजलास में साबिक़ एम पी पी मधु, साबिक़ रुकन असैंबली मिस्टर अबदुलग़फ़ूर के इलावा शुऐब अल्लाह ख़ां की साहबज़ादी फ़रीदा ख़ां और दामाद अशर्फ़ अल्लाह ख़ां, प्रोफ़ैसर मसऊद अहमदखां, बाबू राव‌ वर्मा, नर्सिंग राव‌-ओ-दीगर मौजूद थी। जनाब ज़ाहिद अली ख़ां ने कहा कि शुऐब अल्लाह ख़ां की शख़्सियत इन्क़िलाबी शख़्सियत थी और वो एक बेबाक सहाफ़ी भी थी। उन्हों ने कहा कि शुऐब अल्लाह ख़ां की शख़्सियत से नई नसल को वाक़िफ़ करवाना वक़्त की अहम ज़रूरत है।

उन्हों ने शुऐब अल्लाह ख़ां का मुस्लिमा बनाने से बेहतर उन के नाम से स्कालर शपस जारी करने का मश्वरा दिया और कहा कि ये स्कालर शपस मुस्लिम तलबा को रोशन मुस्तक़बिल की तामीर में काफ़ी मददगार साबित होगा। उन्हों ने कहा कि एक ऐसे वक़्त जब आज़ादी हिंद के बाद मुस्लमान परेशान थे और हैदराबाद के मुस्लमान ये फ़ैसला नहीं कर पारहे थे कि वो पाकिस्तान का रुख करें या फिर यहां रहीं। ऐसे वक़्त रोज़नामा सियासत ने मुस्लमानों की रहनुमाई की और उन्हें मआशी और समाजी तौर पर मुस्तहकम बनाने में कामयाब रोल अदा किया।

आबिद अली ख़ां साहिब और महबूब हुसैन जिगर साहिब ने इस परेशानकुन दौर में जुर्रत मंदाना इक़दाम करते हुए अख़बार को एक तहरीक की शक्ल में शुरू किया और आज भी रोज़नामा सियासत इसी मक़सद को लेकर आगे बढ़ रहा ही। उन्हों ने अफ़सोस का इज़हार करते हुए कहा कि हम ने अपने अच्छों को भुला दिया और बुरुँ को गले लगा लिया। इस मौक़ा पर साबिक़ रुकन पार्लीमैंट पी मधु ने कहा कि हिंदूस्तान की आज़ादी में मुस्लमानों ने जिस जोश-ओ-जज़बा के साथ हिस्सा लिया था, उस की ज़िंदा मिसाल शहीद शुऐब अल्लाह ख़ां ही। उन्हों ने रियासत हैदराबाद को इंडियन यूनीयन में ज़म करने का नारा शुरू किया था।

इस मौक़ा पर मिस्टर एम ए ग़फ़ूर साबिक़ रुकन असम्बली ने कहा कि सी पी ऐम की जानिब से सुंदरिया वगनाना केंद रुम में एक बड़े हाल को शहीद शुऐब अल्लाह ख़ां के नाम से मौसूम करदिया गया है और अनक़रीब इसी हाल में उर्दू तहरीर अमल में लाई जाएगी। उन्हों ने कहा कि आज रियासत का सब से बड़ा उर्दू कुतुब का ज़ख़ीरा सी पी ऐम के यहां मौजूद है। जब इस ज़ख़ीरा को आम करने और उर्दू की तरक़्क़ी केलिए हुकूमत से नुमाइंदगी की गई तो हुकूमत और इस के इदारे उर्दू एकेडेमी ने फ़ंडज़ की कमी ज़ाहिर करते हुए अपने आप को बरी ज़िम्मा कर दिया।

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