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CFT मैनेजर नार्थ सेंट्रल रेलवेज़ शैलेन्द्र कपिल से सिआसत हिन्दी की ख़ास बात

लखनऊ -नार्थ सेंट्रल रेलवे इलाहाबाद में Chief Freight Transportation Manager शैलेन्द्र कपिल रेलवे में ओहदे पर हुयें भी कवि भी है

सिआसत हिंदी के संवाददाता इमरोज़ रब्ब्ही खान ने जीआरएम शैलेन्द्र कपिल से रेलवे और काव्य पे बातचीत की जिसपर शैलेन्द्र कपिल ने सभी सवालों का बेबाकी से जवाब दिया .

सवाल -शैलेन्द्र जी आप ने जब रेलवे को ज्वाइन किया था तब से अब तक रेलवे ने अपनी सेवाओ का किस प्रकार विस्तार किया है क्या आप को नही लगता है कि रेलवे और बेहतर कर सकती थी .

जवाब –मैंने रेलवे को एरिया मेनेजर की हैसियत से 1989 में ज्वाइन किया था तब से लगातार भारतीय रेलवे प्रगति पर है रेलवे ने छोटी लाइन को बड़ी लेने ,गाडी की संख्या और माल को लाने और ले जाने की सेवाओ में काफी विस्तार किया है .जहाँ तक मेरे नार्थ सेंट्रल रेलवे की बात की जाएँ तो 2001 में मेरा जोंन 5 मिलियन टन माल यातायात करता था जो आज बड़कर 11 मिलियन टन से ज्यादा हो गया है मैं रेलवे की प्रगति से संतुष्ट हु .

सवाल – रेलवे की इनकम का ज़रिया माल भाड़ा है रेलवे के द्वारा क्या सामान मुख्य तौर पे ट्रांसपोर्ट किया जाता है

जवाब –सीमेंट ,खाद ,गिट्टी और पेट्रोल /डीज़ल और कोयला मुख्य तौर पे ऐसे गुड्स है जिनको रेलवे के माध्यम से ट्रांसपोर्ट किया जाता है

सवाल –नार्थ सेंट्रल जोन में 6 जिले ऐसे है जहाँ पे फ़र्टिलाइज़र सीधे रेलवे के माध्यम से नही पहुच रहा है .

जवाब -रेलवे के नोर्थ सेंट्रल जोन में 22 जिले है लेकिन 6 जिले ऐसे है जहाँ पे रेलवे खाद नही पहुंचा पा रहा है हमने इसके लियें काम करना शुरू कर दिया है जल्दी है इन जिलो तक भी रेलवे खाद को ट्रांसपोर्ट करेगा .

सवाल –रेलवे के ऊपर सरकारों का कितना दवाब रहता है
जवाब – जहाँ तक रेलवे की बात है किसी सरकार का रेलवे पे कभी दवाब नही रहा है हमको सरकार बेहतर करने के लियें पूरी छुट दे रही है .


सवाल –चुकि आप कवि भी है इसलियें बताये कि रेलवे कवियों को प्रोत्साहित करने के लियें क्या कर रहा है ?

जवाब – साल में एक बार रेलवे के हेडक्वार्टर और जोन में कवि सम्मलेन आयोजित किया जाता है रेलवे कवियों को हर साल मैथली शरण गुप्त और मुंशी प्रेमचंद अवार्ड देता है मुझे खुद भी 2012 में मैथलीशरण गुप्त अवार्ड दिया गया था

सवाल –रेलवे अपने कर्मचारियों को अवार्ड देता है या फिर कोई भी कवि हो इन अवार्ड के क्राइटेरिया के लिहाज़ से अवार्ड पाने के योग्य है ?

जवाब – रेलवे के आवर्ड सिर्फ़ रेलवे के ऐसे कर्मचारियों के लियें है जो काव्य में रूचि रखते है और जिन्होंने रेलवे के सर्विस के दौरान काव्य और साहित्य में भी काम किया है .
लेकिन कवि सम्मेलन में सभी कवि को बुलाया जाने की परम्परा है

सवाल – आप को मैथलीशरण गुप्त अवार्ड के अलावा भी कोई सम्मान मिला है ?

जवाब -2016 में मुझे हिन्दुस्तानी अकादमी ने भी सम्मानित किया है .

सवाल – आप ने कितनी पुस्तके लिखी है .
जवाब – मैंने चार पुस्तके लिखी है
‘हर पत्थर हिरा होता है ‘
‘मेरे हम सफ़र’
‘फिर नयी सुबह होगी’
‘फिर कुछ कर दिखाना होगा’

सवाल – ऐसा सुना जाता है हर कवि या शायर का एक गुरु/ उस्ताद होता है
जवाब – आप ने सही सुना है ,रेलवे में मेरे उस्ताद ,रेलवे में मेरे एक साथी स्वर्गीय हिमांशु मोहन मिश्र थे जिनकी सरपरस्ती में मैंने कविताये लिखना आरम्भ किया .

सवाल – आप आज के दौर में किसको आदर्श कवि मानते है
जवाब – मेरे अनुसार मुनव्वर राना जी ,नीरज जी और शैलेन्द्र जी आदर्श कवि है

सवाल – आप काव्य से जुड़े है हमारे देश की पुरानी ज़ुबान संस्कृत खात्मे की तरफ है ऐसा आपको नही लगता है सरकारे संस्कृत के लियें बेहतर कर सकती है
जवाब -सरकारे संस्कृत के लियें काम कर रही लेकिन संस्कृत ,अरबी ,फ़ारसी और उर्दू जैसी जुबानो को लोकप्रिय ना सही विलुप्त होने से बचाने के लियें अधिक से अधिक नौकरी इन भाषाओ को जान्ने वालो को दी जानी चाहियें .प्राइवेट सेक्टर को भी आगे आना चाहियें .

सवाल – आप को ऐसा नही लगता है कि इंग्लिश हिन्दी पे हावी हो रही है
जवाब – ऐसा नही है हिन्दी पे कोई खतरा नही है दरअसल भाषा में परिवर्तन हर दौर में हुआ है वही परिवर्तन आज भी हो रहा है हिन्दी का विकास निरंतर हो रहा है भाषा ख़त्म नही बल्कि भाषा एक नए रूप में परिवर्तित हो रही है

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