Sunday , October 22 2017
Home / India / शख़्सी तौर पर मुझे इज़हार-ए-ख़्याल का पूरा हक़ है

शख़्सी तौर पर मुझे इज़हार-ए-ख़्याल का पूरा हक़ है

वज़ीर रेलवे और तृणमूल कांग्रेस क़ाइद दीनेश त्रिवेदी ने आज अपने ही एक ब्यान पर (शायद शर्मिंदा होकर) उस की भरपाई करने की कोशिश का आग़ाज़ कर दिया है। याद रहे कि उन्होंने कहा था कि मुल्क में वस्त मुद्दती इंतेख़ाबात मुनाक़िद हो सकते हैं और

वज़ीर रेलवे और तृणमूल कांग्रेस क़ाइद दीनेश त्रिवेदी ने आज अपने ही एक ब्यान पर (शायद शर्मिंदा होकर) उस की भरपाई करने की कोशिश का आग़ाज़ कर दिया है। याद रहे कि उन्होंने कहा था कि मुल्क में वस्त मुद्दती इंतेख़ाबात मुनाक़िद हो सकते हैं और मर्कज़ी हुकूमत एक नाकारा हुकूमत है जो सयासी हलक़ों में अपना कोई असर नहीं छोड़ सकी।

मिस्टर त्रिवेदी ने कहा कि मैंने जो ब्यान दिया है वो एक फ़ोर्म के प्लेटफार्म से मरबूत हो कर दिया है। इस फ़ोर्म को आईडीया एक्सचेंज के नाम से जाना जाता है। मैंने शख़्सी तौर पर अपने ख़्यालात का इज़हार किया था। बहैसीयत तृणमूल कांग्रेस क़ाइद या वज़ीर मैंने ब्यान नहीं दिया था। याद रहे कि असेंबली इंतेख़ाबात के नताइज के सिर्फ एक रोज़ बाद मिस्टर त्रिवेदी ने इद्दिआ किया था कि समाजवादी पार्टी या तृणमूल कांग्रेस वस्त मुद्दती इंतेख़ाबात करूणा चाहेगी ताकि पार्लीमेंट में अपने अरकान की तादाद में इज़ाफ़ा किया जा सके।

पी टी आई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि शख़्सी तौर पर उन्हें इस बात की मुकम्मल आज़ादी है कि वो अपना इज़हार-ए-ख़्याल करते हुए सयासी सूरत-ए-हाल पर तबसिरा या इसका तजज़िया कर सकें। उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि ये महिज़ ख़्यालात-ओ-नज़रियात के तबादला का एक प्लेटफार्म है, जिसे मौजूदा सयासी हालात पर तबसिरा या ब्यान से ताबीर नहीं करना चाहीए।

अपनी बात जारी रखते हुए उन्होंने कहा कि सियासत के एक अदना तालिब-ए-इल्म होने के नाते में सिर्फ सयासी सूरत-ए-हाल का तजज़िया कर रहा था, जिनका मेरी पार्टी से ये मेरा यू पी ए हुकूमत से वाबस्ता होने से कुछ लेना देना नहीं है। जब उनके इस ब्यान के बारे में इस्तिफ़सार किया गया जहां उन्होंने कहा था कि बजट सेशन में कोई ख़ास इस्लाहात मंज़ूर होने वाली नहीं हैं, तो उन्होंने एक बार फिर यही कहा कि वो ब्यान एक आईडीया एक्सचेंज के सिवाए और कुछ नहीं था।

TOPPOPULARRECENT