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संगबारी और दौलते इस्लामिया के पर्चम पर फ़ौज की गहिरी नज़र

संगबारी के वाक़ियात और दौलते इस्लामिया के पर्चम की एक जल्सा-ए-आम में मुबय्यना मौजूदगी पर रद्द-ए-अमल ज़ाहिर करते हुए फ़ौज ने आज कहा कि वो सूरत-ए-हाल पर गहिरी नज़र रखे हुए है और ये मसला तमाम सयान्ती महिकमों के लिए इंतेहाई फ़िक्रमंदी की वज

संगबारी के वाक़ियात और दौलते इस्लामिया के पर्चम की एक जल्सा-ए-आम में मुबय्यना मौजूदगी पर रद्द-ए-अमल ज़ाहिर करते हुए फ़ौज ने आज कहा कि वो सूरत-ए-हाल पर गहिरी नज़र रखे हुए है और ये मसला तमाम सयान्ती महिकमों के लिए इंतेहाई फ़िक्रमंदी की वजह बन गया है।

जनरल ऑफीसर कमांडिंग 15कौर श्रीनगर फेफ्टेनेंट‌ जनरल सुभरता सहा ने कहा कि संगबारी के वाक़ियात इस वक़्त पेश आए जबकि राहत रसानी और बचाव‌ कार्रवाई में मसरूफ़ हेलिकॉप्टर पर गुज़श्ता माह पानी में घिरे हुए लोगों को बचाने की कार्रवाई की जा रही थी, अवाम में राहत रसानी और बचाव‌ कार्रवाई में ताख़ीर की बिना पर बर‌हमी फैल गई थी लेकिन ये इक्का दुक्का वाक़ियात थे जो अवामी बरह‌मी का इज़हार थे।

उन्होंने कहा कि अस्करीयत पसंदों के बचाव‌ कार्यवाईयों के इस्तेहसाल की ख़बरें बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि मुबय्यना तौर पर एक जल्सा-ए-आम में दौलत इस्लामीया का पर्चम भी लहराया गया था इस सिलसिले में भी फ़ौज तहक़ीक़ात में मसरूफ़ है और वादी कश्मीर के वाक़ियात पर गहिरी नज़र रखे हुए है और सियोल इंतेज़ामिया के साथ तमाम कार्यवाईयों में तआवुन कररही है।उन्हों ने कहा कि जहां तक फ़ौरी राहत रसानी का ताल्लुक़ है मुक़ामी इदारों, तंज़ीमों और महिकमों ने ज़रूरतमंदों तक पहुंचने की कोशिश की है।

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