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संगे बुनियाद रखने के 100 दिन बाद भी टोली चौकी उबूरी पूल की तामीर शुरू ना हो सकी

शहर हैदराबाद फ़र्ख़ंदा बुनियाद के मुस्लिम अक्सरीयती इलाक़ों में तरक़्क़ियाती कामों के बारे में आम तास्सुर यही पाया जाता है कि इन इलाक़ों में मामूली काम के लिए भी हुकूमत और हुक्काम बहुत ही सुस्तरवी का मुज़ाहरा करते हैं बल्कि अक्सर शह

शहर हैदराबाद फ़र्ख़ंदा बुनियाद के मुस्लिम अक्सरीयती इलाक़ों में तरक़्क़ियाती कामों के बारे में आम तास्सुर यही पाया जाता है कि इन इलाक़ों में मामूली काम के लिए भी हुकूमत और हुक्काम बहुत ही सुस्तरवी का मुज़ाहरा करते हैं बल्कि अक्सर शहरियों के ख़्याल में ओहदेदार तास्सुब और जानिबदारी से काम लेते हैं जिस के नतीजा में इन इलाक़ों में करोड़ों रुपये के तामीर और तरक़्क़ियाती प्रोजेक्ट्स के तक़ारीब संगे बुनियाद के बावजूद सालहा साल तक कामों का आग़ाज़ ही नहीं होता। इस मुआमले में चीफ मिनिस्टर किरण कुमार रेड्डी का रेकॉर्ड बहुत ख़राब है।

पुराने शहर से लेकर नए शहर के मुस्लिम अक्सरीयती इलाक़ों के अवाम उन के वादों पर भरोसा करने से गुरेज़ कर रहे हैं। उस की वजह ये है कि चीफ मिनिस्टर मिस्टर एन किरण कुमार रेड्डी ने कई करोड़ मालियती प्रोजेक्ट्स का एलान करते हुए बड़ी धूम धाम से उन के संगे बुनियाद रखे थे और अवामी नुमाइंदों ने इस मौक़ा पर दिल खोल कर तालियां बजाई थीं। तारीफों के पूल बांधे गए थे लेकिन जब काम शुरू किए जाने का वक़्त आया उन मुक़ामात पर एक मज़दूर भी नज़र नहीं आया।

क़ारईन, 1 जून को चीफ मिनिस्टर ने हल्क़ा असेंबली कारवाँ में आने वाले इलाक़ा टोली चौकी में उबूरी पूल की तामीर का संगे बुनियाद रखा था और अंदरून 18 माह 46 करोड़ की लागत से 650 मीटर तवील और 6 लाईनों पर मुश्तमिल इस उबूरी पूल की तामीर मुकम्मल हो जाने का एलान किया गया। उस वक़्त ये भी कहा गया कि इस पूल की तामीर के साथ ही अत्तापूर मेह्दीपट्नम गच्चीबावली और टोली चौकी के इलावा अतराफ़ और अकनाफ़ के इलाक़ों की ट्रैफिक बहाव में ग़ैर मामूली आसानियां पैदा होंगी।

तक़रीब संगे बुनियाद मुनाक़िद हुए आज 100 दिन मुकम्मल हो चुके हैं इस के बावजूद तामीरी काम का आग़ाज़ ही ना हो सका। इस मुआमले में बेचारे अवामी नुमाइंदे भी बड़ी बेबसी और मजबूरी के एहसास तले ख़ामोश हैं। राक़िमुल हुरूफ़ ने इस सिलसिले में टोली चौकी , हकीम पेट और अत्तापूर , मेह्दीपट्नम में लोगों से बात की।

उन लोगों का कहना है कि चीफ मिनिस्टर ने बड़ी धूम धाम से टोली चौकी फ़्लाई ओवर के तामीरी काम का संगे बुनियाद रखते हुए कहा था कि उन की हुकूमत इस पूल की तामीर जल्द से जल्द मुकम्मल करवाएगी लेकिन 3 माह 10 दिन गुज़र जाने के बावजूद तामीरी काम शुरू ही नहीं किया गया जब कि उप्पूगुड़ा के फ़्लाई ओवर का काम अधूरा पड़ा हुआ है हालाँकि इस उबूरी पूल की तामीर के लिए 14 माह की मुद्दत मुक़र्रर की गई थी।

अवाम का कहना है कि हुकूमत सिकंदराबाद या दीगर इलाक़ों में इस किस्म की वाअदा ख़िलाफ़ियों की हिम्मत ही नहीं कर सकती। अवाम के ख़्याल में इस इलाक़ा में फ़्लाई ओवर बहुत ज़रूरी है क्यों कि टोली चौकी एक ऐसा जंक्शन है जहां से मेह्दीपट्नम , गच्ची बावली , हाईटेक सिटी और आउटर रिंग रोड ट्रैफिक आती और जाती है।

इस सिलसिले में उत्तम नगर , सैफ़ुल गौड़ा , तुकाराम गेट कन्दिकल गेट और उप्पूगुड़ा रेलवे क्रासिंग पर उबूरी पलों के तामीरी प्रोजेक्ट की मिसालें पेश की जा रही हैं इन अहम पुलों की तामीर के मसारिफ़ से मुताल्लिक़ जी एच एम सी , महकमा इमारात और शवारा , हैदराबाद मेट्रो पोलीटन डेवलप्मेन्ट अथॉरीटी और नेशनल हाईवे के हुक्काम के दरमियान इख़्तेलाफ़ात पाए जाते हैं। बहरहाल अब देखना ये है कि टोली चौकी जैसे अहम मुक़ाम पर उबूरी पूल की तामीर का आग़ाज़ कब होता है।

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