Wednesday , September 20 2017
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संविधान के बाहर कश्मीर को कोई भी शक्तियां नहीं दी जा सकती- सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट के आदेश में कश्मीर की संप्रभुता और संप्रभु शक्तियां देने की बात कही गयी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भारतीय संविधान के बाहर कश्मीर को कोई भी शक्तियां नहीं दी जा सकती है।

जस्टिस कूरियन जोसफ व रोहिंटन नरीमन के पीठ ने जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट के फैसले पर विचार करते हुए यह आदेश सुनाया। जजों की एक पीठ ने कहा कि जम्मू कश्मीर का संविधान और भारत का संविधान के दायरे में रहकर ही कश्मीर को शक्तियां दी जा सकती है।

जजों की पीठ ने कहा कि यह काफी परेशान करने वाला फैसला है कि जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय ने कश्मीर को संप्रभु राज्य बताया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि भारतीय संविधान के मुताबिक कश्मीर को कुछ विशेष छूट दी गयी है।
जम्मू कश्मीर के लोग पहले भारत के नागरिक हैं। इसलिए यह कहना बेहद गलत होगा कि कश्मीर के नागरिक बाकि देश के नागरिक से अलग हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दुनिया के कई अन्य देशों में दोहरी नागरिकता का प्रवाधान है लेकिन भारत के संघीय ढांचे में ऐसा नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भारत के संविधान के मुताबिक सेक्शन 3 के मुताबिक भारत राज्यों का समूह है और जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न भाग है। शीर्ष अदालत ने कहा कि सेक्युरेटाइजेशन और रिकंस्ट्रक्शन ऑफ फाइनेंशियल एसेट एक्ट कश्मीर में भी लागू होगा। हालांकि इस एक्ट में और ट्रांसफर प्रोपर्टी एक्ट में विरोधाभास है।

ज्ञात हो कि एसबीआई द्वारा जम्मू कश्मीर हाइकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिका में यह फैसला सुनाया गया। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।

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