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सऊदी अरब में ख़वातीन का वसीअ रोल, इंतिख़ाबी मुक़ाबला की इजाज़त , शाह अबदुल्लाह का ऐलान

रियाज़ । 25सितंबर ( एजैंसीज़) सऊदी अरब के शाह अबदुल्लाह ने आज ऐलान किया कि सऊदी अरब में ख़वातीन मुस्तक़बिल में होने वाले बलदी इंतिख़ाबात में हिस्सा ले सकती हैं और अपने उम्मीदवार नामज़द करसकती हैं । शाह अबदुल्लाह ने वाज़िह तौर पर वोट का

रियाज़ । 25सितंबर ( एजैंसीज़) सऊदी अरब के शाह अबदुल्लाह ने आज ऐलान किया कि सऊदी अरब में ख़वातीन मुस्तक़बिल में होने वाले बलदी इंतिख़ाबात में हिस्सा ले सकती हैं और अपने उम्मीदवार नामज़द करसकती हैं । शाह अबदुल्लाह ने वाज़िह तौर पर वोट का लफ़्ज़ इस्तिमाल नहीं किया लेकिन ख़वातीन को वोट देने की इजाज़त केलिए सऊदी अरब पर दबाओ में इज़ाफ़ा हो रहा है । लेकिन इस ऐलान से जुमेरात को होने वाले बलदी इंतिख़ाबात पर कोई असर नहीं होगा । सऊदी अरब में 40 साल से ज़ाइद अर्सा के दौरान दूसरी मर्तबा बलदी इंतिख़ाबात मुनाक़िद हो रहे हैं । सऊदी अरब के सरकारी टेलीविज़न चैनल पर शाह अबदुल्लाह को ये रेमार्क करते हुए दिखाया गया कि आइन्दा इंतिख़ाबात में ख़वातीन को मजालिस शूरा की अरकान की हैसियत ने ख़िदमत करने का मौक़ा मिलेगा। लेकिन सऊदी हुक्काम ने ये नहीं कहाकि आइन्दा इंतिख़ाबात कब होंगे । शाह अबदुल्लाह ने अपने रिमार्कस में कहा कि आइन्दा इजलास में ख़वातीन को मजालिस बलदिया की रुकनीयत हासिल करने और अपने उम्मीदवार नामज़द करने का हक़ हासिल होगा । सऊदी ख़वातीन को इस्लामी उसूलों के मुताबिक़ अपने उम्मीदवार नामज़द करने के अमल में हिस्सा लेने का हक़ हासिल होगा। शाह अबदुल्लाह ने मज़ीद कहा कि चूँकि अब हम सऊदी मुआशरा और मुलाज़मत के हर शोबा में ख़वातीन के मामूली रोल को मुस्तर्द करचुके हैं । हमारे उल्मा बिलख़सूस मजलिस उल्मा और दूसरों से मुशावरत की गई । उन्हों ने इस्लामी क़वाइद और ज़ाबतों के मुताबिक़ ख़वातीन के रोल को वुसअत देने की सिफ़ारिश की है जिस की बुनियाद पर ये तबदीलीयां की गई हैं । सऊदी अरब में हुक़ूक़ निस्वान के लिए जद्द-ओ-जहद करनेवाली कारकुन वजीहा अलहवीदर ने शाही ऐलान को एक अज़ीम ख़बर क़रार दिया । उन्हों ने कहा कि बिलआख़िर ख़वातीन की आवाज़ सुन ली गई और अब वक़्त आगया है कि ख़वातीन को कार चलाने की इजाज़त ना देने जैसी रुकावटों और पाबंदीयों को भी ख़तन किया जाना चाहीए । इलावा अज़ीं किसी मर्द सरपरस्त के बगै़र ख़ातून को आम ज़िंदगी गुज़ारने की इजाज़त भी दी जानी चाहीए । ममलकत सऊदी अरब में 1963 के बाद पहली मर्तबा 2005 मैं बलदी इंतिख़ाबात मुनाक़िद हुए थे और जुमेरात को दूसरे इंतिख़ाबात केलिए वोट डाले जाऐंगे । जिस में सिर्फ मर्द वोट डाल सकेंगे।
सऊदी टी वी से उर्दू ख़बरें
जुदा /25 सितंबर (एजैंसीज़) पाकिस्तान के सफ़ीर मुहम्मद नईम ख़ां ने हुकूमत सऊदी अरब से इज़हार-ए-तशक्कुर किया है कि इस ने सऊदी टी वी चैनल II पर बाक़ायदा उर्दू न्यूज़ बुलेटिन टैली कासट करने के लिए मंज़ूरी दी है। उन्हों ने सऊदी अरब के वज़ीर सक़ाफ़्त और इत्तिलाआत डाक्टर अबद उल-अज़ीज़ ख़्वाजा से भी इज़हार-ए-तशक्कुर किया। उन्हों ने बताया कि गुज़श्ता माह वज़ीर सक़ाफ़्त से मुलाक़ात के दौरान उर्दू ख़बरों की टैली कासट के लिए उन की तजवीज़ पर उन्हों ने फ़ौरी रद्द-ए-अमल ज़ाहिर किया और सऊदी टी वी से उर्दू ख़बरें पेश करने का इंतिज़ाम क्या, इस से सऊदी अरब में मुक़ीम अहल-ए-ज़बान को सहूलत होगी।

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