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सऊदी तालिबे इल्म मुल्ज़िम नहीं, गवाह है

वाशिंगटन, 17 अप्रैल: अमरीकी शहर बोस्टन में गुज़िश्ता रोज़ हुए धमाकों की तहकीकात करने वाली एफ बी आई टीम ने एक सऊदी तालिबे इल्म अबदुर्रहमान अलहरबी को मराथन की इख़तेतामी लाइन‌ के करीब मुश्तबा हरकात करने पर हिरासत में ले लिया था, लेकिन‌ इस

वाशिंगटन, 17 अप्रैल: अमरीकी शहर बोस्टन में गुज़िश्ता रोज़ हुए धमाकों की तहकीकात करने वाली एफ बी आई टीम ने एक सऊदी तालिबे इल्म अबदुर्रहमान अलहरबी को मराथन की इख़तेतामी लाइन‌ के करीब मुश्तबा हरकात करने पर हिरासत में ले लिया था, लेकिन‌ इस पर कोई इल्ज़ाम आइद नहीं किया गया है। तहकीकात के बाद पता चला कि वो कोई मुश्तबा शख़्स नहीं है बल्कि इस वाक़िये का गवाह हो सकता है।

पूछताछ‌ के दौरान इस ने पुलिस से मुकम्मल तआवुन किया। 22 साला सऊदी नौजवान अबदुर्रहमान अलहरबी अमरीकी यूनिवर्सिटी में अंग्रेज़ी का तालिबे इल्म है। धमाके में मामूली तौर पर ज़ख़मी होने के बाद वो हॉस्पिटल में ज़ेरे ईलाज है। रीवीर फ़ायर डिपार्टमेंट ने अपनी फेसबुक सफ़ा पर लिखा है कि मतलूबा शख़्स के लिए ये तलाशी ली गई। सी बी एस न्यूज़ ने ख़बर दी है कि इस अपार्टमेंट की तलाशी उस शख़्स के लिए की गई थी जो बर्मिंघम में सेक्यूरिटी गार्ड है और एक वीमन्स हॉस्टल का मुलाज़िम है।

ये शख़्स सऊदी शहरी है जो स्टूडेंट वीज़ा पर अमरीका में मुक़ीम है। इस दौरान तहक़ीक़ाती ओहदेदारों ने शुबा ज़ाहिर किया है कि बम धमाकों में प्रेशर कूकुर का इस्तिमाल किया गया। आम तौर पर अफ़्ग़ानिस्तान में इस तरह के प्रेशर कूकर धमाके किए जाते हैं और प्रेशर कूकर बम को अलक़ायदा का मूसिर हथियार भी कहा जाता है।

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