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सदारती इंतिख़ाब पर एन डी ए ने हनूज़ ( अभी तक) क़तई ( कोई) फ़ैसला नहीं किया

बी जे पी हालाँकि इस बात के लिए एड़ी चोटी का ज़ोर लगा रही है कि इन डी ए के बाअज़ क़ाइदीन ( कुछ नेता) को सदारती इंतिख़ाब ( राष्ट्रपति चुनाव) में हिस्सा लेने के लिए आमादा कर लिया जाये बजाय इसके कि यू पी ए के नामज़द क़ाइद ( नामित नेता) परनब मुकर्ज

बी जे पी हालाँकि इस बात के लिए एड़ी चोटी का ज़ोर लगा रही है कि इन डी ए के बाअज़ क़ाइदीन ( कुछ नेता) को सदारती इंतिख़ाब ( राष्ट्रपति चुनाव) में हिस्सा लेने के लिए आमादा कर लिया जाये बजाय इसके कि यू पी ए के नामज़द क़ाइद ( नामित नेता) परनब मुकर्जी की ताईद की जाये तो दूसरी तरफ़ जे डी (यू) क़ाइद शरद यादव ने आज एक अहम ब्यान देते हुए कहाकि इत्तिहाद ने अब तक सदारती इंतिख़ाब ( राष्ट्रपति चुनाव) के मुआमला में कोई ठोस फ़ैसला नहीं किया है।

जे डी (यू) सरबराह शरद यादव ने अख़बारी नुमाइंदों ( पत्रकारों) से बात करते हुए कहा कि बातचीत जारी है। चूँकि सदारती इंतिख़ाब एक अहम मुद्दा है लिहाज़ा इस मुआमला में राय तलब करना वक़्त तलब होता है। अब तक कोई फ़ैसला नहीं किया गया क्योंकि फ़ैसला करना भी आसान नहीं होता। जब उन से ये पूछा गया कि सदारती इंतिख़ाब पर फ़ैसला के लिए एन डी ए अपना इजलास ( सभा) कब मुनाक़िद ( आयोजित) करेगा तो उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि एन डी ए के वर्किंग सदर नशीन एल के अडवानी जब चाहेंगे, उस वक़्त इजलास मुनाक़िद ( सभा आयोजित) होगा। मिस्टर यादव ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि उन्होंने कल ही अडवानी से मुलाक़ात की है।

इनके इलावा पी ए संगमा भी अडवानी से मुलाक़ात करने वालों में शामिल हैं।हालाँकि पार्टी नहीं चाहती कि संगमा सदारती इंतिख़ाब लड़ें लेकिन वो ऐसा करने से राज़ी नही हैं। एन डी ए की हलीफ़ जमातों के ज़रीया राय शुमारी ( गणना/ गिनती )ना करने पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए शरद यादव ने हाल ही में भारत बंद का फ़ैसला एन डी ए का था जो तमाम हलीफ़ जमातों के साथ तबादला-ए-ख़्याल के बाद किया गया था।

दूसरी तरफ़ बी जे पी ज़राए ( सूत्रों) ने बताया कि एन डी ए का एक इजलास ( सभा) जो आज मुनाक़िद शुदणी ( आयोजित होने वाली) था, को अब मुल्तवी ( निरस्त) कर दिया गया है क्योंकि ए पी जे अब्दुल कलाम की दसतबरदारी के बाद चूँकि कोई पेचीदा सूरत-ए-हाल पैदा नहीं हुई है लिहाज़ा इजलास के इनइक़ाद की ज़रूरत भी पेश नहीं आई।

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