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सदारती इंतिख़ाब ( राष्ट्रपति चुनाव) के लिए रिटर्निंग आफीसर्स की तक़र्रुरी ( नियुक़्ती)

इलेक्शन कमीशन आफ़ इंडिया (भारतीय चुनाव आयोग)ने 19 जुलाई को मुनाक़िद शुदणी सदारती इंतिख़ाब ( आयोजित राष्ट्रपति चुनाव) के लिए मीज़ोरम असेंबली के गुरू थानज़ वाला, वन लनगलनमा को रिटर्निंग आफीसर्स के तौर पर मुक़र्रर किया है, जो बिलतर्तीब मीज़

इलेक्शन कमीशन आफ़ इंडिया (भारतीय चुनाव आयोग)ने 19 जुलाई को मुनाक़िद शुदणी सदारती इंतिख़ाब ( आयोजित राष्ट्रपति चुनाव) के लिए मीज़ोरम असेंबली के गुरू थानज़ वाला, वन लनगलनमा को रिटर्निंग आफीसर्स के तौर पर मुक़र्रर किया है, जो बिलतर्तीब मीज़ोरम असेंबली के सेक्रेटरी और एडीशनल सेक्रेटरी हैं।

एक सरकारी ब्यान के मुताबिक़ तमाम रियास्तों और मर्कज़ ( राज्यों और केंद्रों) के ज़ेर-ए-इंतज़ाम रियास्तों से दो ‍ दो आफ़िसरान को अस्सिटेंट रिटर्निंग आफीसर मुक़र्रर किया गया है। याद रहे कि मीज़ोरम असेंबली में 40 अरकान हैं, जिन में से 32 अरकान हुकमरान कांग्रेस पार्टी के हैं।

कलीदी अपोज़ीशन मेज़ नैशनल फ्रंट (MNF) के तीन एम एल एज़ हैं और इनकी हलीफ़ जमात मारा डेमोक्रेटिक फ्रंट का सिर्फ एक ही लेजिसलीचर (legislature/ विधान मण्डल) है जबकि मीज़ोरम पियो पुलिस कांफ्रेंस और ज़ोरम नेशनलिस्ट पार्टी (ZMP) काफ़ी किस एक लीजसलीचर (legislature) है। मीज़ोरम के दो अरकान-ए-पार्लीमेंट भी हैं, जिन में से एक राज्य सभा में और एक लोक सभा में है।

लोक सभा रुकन सी एल रवाला कांग्रेसी हैं जबकि राज्य सभा एम पी लाल मंग टाना का ताल्लुक़ अपोज़ीशन MNP से है। यहां इस बात का तज़किरा ज़रूरी है कि सदारती उम्मीदवार के लिए मुख़्तलिफ़ सयासी जमातों में रसा कशी का सिलसिला हनूज़ जारी है, जहां ए पी जे अब्दुल कलाम, हामिद अंसारी, परनब मुकर्जी और पी ए संगमा के नाम गुज़शता कई रोज़ से गश्त कर रहे हैं लेकिन ताज़ा तरीन सूरत-ए-हाल से ये अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि परनब मुकर्जी शायद सदारत के जलील-उल-क़दर ( सम्मान्य) ओहदा पर फ़ाइज़ होने में कामयाब हो जाएंगे।

हामिद अंसारी के नाम पर ज़्यादा ग़ौर-ओ-ख़ौज़ ( विचार) नहीं किया जा रहा है। इन का मौक़िफ़ (स्थान/जगह) बिलकुल वैसा ही है जब दस साल ए पी जे अब्दुल कलाम को सदर जमहूरीया ( राष्ट्रपति) बनाया गया था और इस वक़्त के नायब सदर जमहूरीया कृष्ण कांत के नाम पर ग़ौर नहीं किया गया था। बाअज़ सयासी माहिरीन का कहना है कि कृष्ण कांत का इंतेक़ाल इसी सदमा से हुआ है।

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