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सना हमज़े – वेरमोंट मिलिट्री कॉलेज में एक हिजाबी मुस्लिम महिला

जब आपको पता चलेगा कि, वेरमोंट में स्थित नोर्विच यूनिवर्सिटी, अमेरिका के सबसे पुराने प्राइवेट मिलिट्री कॉलेज ने एक मुस्लिम महिला को कॉलेज में हिजाब पहनने की अनुमति दे दी है, तब आप हैरान रह जायेंगे । खुद सना के लिए यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है ।

सेना में भर्ती होना सना का सपना है । उसका सपना है कि वह अपने परिवार सेन्य सेवा की विरासत को आगे बढ़ाये साथ ही अपने धार्मिक विश्वास पर भी कायम रहे । इसलिए उसने मिलिट्री कॉलेज में दाखिला लेते समय वर्दी के साथ हिजाब पहनने की अनुमति मांगी थी । नोर्विच, जो अमेरिका के छह बड़े मिलिट्री कॉलेज में से एक है, उसने सना की अर्जी स्वीकार करते हुए उसे हिजाब पहनने की अनुमति दे दी ।

नॉर्विच परेड मैदान पर एक साक्षात्कार के दौरान सना ने कहा, “मैं इसको किसी दुनिया या अमेरिका को बदलने वाली घटना के तौर पर नहीं देखती । मैं बस इसे इस प्रकार देखती हूँ कि स्कूल ने एक अमेरिकी छात्र को नौसेना के एक अधिकारी बनने के लिए प्रशिक्षण देने के साथ उसे उसके धार्मिक विश्वास का अभ्यास करने के लिए भी अनुमति दी है।”

इस्लामोफोबिया और एक धर्म विशेष के खिलाफ पूर्वाग्रह के माहौल में एक हिजाब पहनने वाली मुसलमान महिला के रूप में कई बार उसे असहज परिस्तिथियों और टिप्पणियों का सामना भी करना पड़ता है । लेकिन उसने स्कूल में दाखिला लेने से पहले ही खुद को इस तरह के अनुभव से दो-चार होने के लिए तैयार कर लिया था ।

वह कहती है, “यह सब मुझे नहीं डराता है । मैं किसी को नुक्सान नहीं पहुंचा रही । मैं जानती हूँ की मैं क्या कर रही हूँ । मैं देश की रक्षा करने वाली सेना में भर्ती की तैयारी कर रही हूँ । यही मेरा लक्ष्य है ।”

सेन्य सेवा के लिए यह प्रतिबद्धता सना के परिवार के इतिहास और परंपरा में शामिल है । उसकी परदादी वायु सेना में थी, उसके दादा दादी की मुलाकात प्यूर्टो रिको में नौसेना में सेवा के दौरान हुयी थी और उसके पिता फ्लोरिडा में एक पुलिस अधिकारी है।

अली शहीदी, नोर्विच यूनिवर्सिटी में एक अफगानी मुस्लिम छात्र कहता है कि उसकी मुलाकात सना से मस्जिद में एक धार्मिक सेवा के दौरान हुयी थी । वह सना को एक नेता को एक नेता के रूप में देखता है जबकि सना खुद ऐसा नहीं सोचती है ।

“मुझे पूरा यकीन है कि आगे ऐसे और छात्र आयेंगे जो सना से प्रेरणा लेंगे । वे देश की सेवा के साथ-साथ अपनी पहचान का भी ख्याल रखेंगे,” उसने आगे कहा ।

सभी यूनिवर्सिटी सना के अनुरोध के लिए नोर्विच यूनिवर्सिटी जैसे विचार नहीं रखते थे । इससे पहले सना के अनुरोध को दा सिटाडेल, दा मिलिट्री कॉलेज, चार्ल्सटन ने उसके अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था । लेकिन नोर्विच यूनिवर्सिटी ने सना के अनुरोध को स्वीकार करने में कोई देरी नहीं करी । ज्ञात रहे, नोर्विच यूनिवर्सिटी यहूदी छात्रों को भी वर्दी के साथ यार्मुल्के पहनने की अनुमति देता है ।

इन सभी बाधाओं के बावजूद, सना का पूरा ध्यान प्रक्षिशण को हासिल करने में है और वह इसमें कोई खामी नहीं रहने देना चाहती ।

मूल लेख MVSLIM.COM पर छपा है। इसका सियासत के लिए हिंदी अनुवाद मुहम्मद ज़ाकिर रियाज़ ने किया है।

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