Thursday , August 17 2017
Home / Khaas Khabar / सपा में बगावत, बन गया अखिलेश यादव समाजवादी फ्रंट

सपा में बगावत, बन गया अखिलेश यादव समाजवादी फ्रंट

लखनऊ:(फैसल फरीद): तीन महीने बाद भी समाजवादी पार्टी के आन्तरिक झगडे की आग ठंडी नहीं पड़ी हैं. चुनाव के नज़दीक आते ही ये लड़ाई अब सडको पर उतर आई हैं. सपा का शीर्ष नेतृत्व चाहे जितना दावा करे लेकिन कार्यकर्ता और संगठन अब बटा हुआ दिख रहा हैं.

ताज़ा खबर जनपद फिरोजाबाद से हैं. वहां पर अखिलेश समर्थक सपाई अब अपना अलग अखिलेश यादव समाजवादी फ्रंट बना चुके हैं. गौरतलब हैं की फिरोजाबाद लोक सभा क्षेत्र से अक्षय यादव सांसद हैं जो मुलायम के भाई रामगोपाल यादव के सुपुत्र हैं. रामगोपाल पूरी तरह से अखिलेश के समर्थक हैं.

बात छोटी सी लगे लेकिन शुरुवात हो चुकी हैं. आने वाले दिनों में इस प्रकार के संगठन दुसरे जिलो में भी बन जाये तो कोई आश्चर्य नहीं होगा.

फिरोजाबाद में अखिलेश यादव समाजवादी फ्रंट बनाने वालों में जो लोग शामिल हैं वो भी रामगोपाल के करीबी बताये जाते हैं. सपा के फ्रंटल संगठन युवजन सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष अंशुल विक्रम सिंह ने अखिलेश यादव समाजवादी फ्रंट बनाने का एलान किया हिं. उनके साथ सपा के अन्य फ्रंटल संगठन के पूर्व जिला अध्यक्ष शामिल हैं जिसमे लोहिया वाहिनी के रामवीर यादव, छात्र सभा के कल्लू गुर्जर, यूथ ब्रिगेड के योगेश यादव और अन्य हैं.

अंशुल ने खुले शब्दों में कहा की सपा के जिला संगठन में फेरबदल की गयी हैं और जिलाध्यक्ष का पड़ ऐसे व्यक्ति को दे दिया गया हैं जिसे पार्टी की नित्यो से कोई लेना देना नहीं हैं. गौर तलब है प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने फिरोजाबाद जिला अध्यक्ष का पद जसराना के सपा विधायक रामवीर यादव के पुत्र अमोल यादव हैं जो जिला पंचायती के सस्य भी हैं. उनको पड़ अखिलेश के करीबी और एम् एल सी दिलीप यादव को हटा कर दिया गया था. चार दिन पहले अमोल ने अपनी कार्यकारिणी बनायीं और लगभग 10 प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों को हटा दिया था जिसमे अंशुल भी शामिल हैं. इस घटनाक्रम के बाद से खेमेबंदी तेज़ हो गयी हैं.

अंशुल ने दावा किया की उनको विधायक रामवीर यादव से जान का खतरा है और सुरक्षा की मांग की. उन्होंने ये भी दावा किया की इस पूरे घटनाक्रम से सांसद अक्षय यादव को अवगत करा दिया गया है. अंशुल ने कहा की फ्रंट को पूरे प्रदेश में विस्तार दिया जा सकता हैं.

बताते चले कि जब अखिलेश-शिवपाल में विवाद चरम सीमा पर था तब भी फिरोजाबाद में सांसद अक्षय यादव की होर्डिंग लगायी गयी थी. सारी होर्डिंग्स सपा के रंग में नहीं थी बल्कि सफ़ेद रंग में थी और केवल ये लिखा था की अखिलेश यादव को दुबारा मुख्यमंत्री बनाना हैं. फिरोजाबाद सपा का गढ़ माना जाता हैं. 2009 में लोक सभा चुनाव में अखिलेश यादव यहाँ से जीते थे लेकिन फिर इस्तीफा दे दिया था. उपचुनाव में उनकी पत्नी डिंपल यादव कांग्रेस के राजबब्बर से हार गयी थी. तब रामवीर विधायक को अखिलेश यादव ने पार्टी से निकल दिया था. 2014 में रामगोपाल के पुत्र अक्षय यादव यहाँ से विजयी हुए थे.

ज़ाहिर हैं पार्टी के समान्तर कोई संगठन बनान अनुशासनहीनता हैं लेकिन अभी तक सपा प्रदेश कार्यालय की तरफ से कोई कार्यवाही नहीं हुई हैं. सपा के प्रदेश प्रवक्ता दीपक मिश्र के अनुसार बगावत जैसी कोई चीज़ नहीं हैं. लेकिन ऐसे लोग जो कर रहे हैं उनको सपा से कोई मान्यता नहीं हैं. अगर जिला अध्यक्ष की तरफ से रिपोर्ट आती हैं तो कार्यवाही भी होगी.

TOPPOPULARRECENT