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सबसे स्वच्छ शहर को दो करोड़ का इनाम देगी झारखंड सरकार

रांची: झारखंड सरकार द्वारा शुरू की गयी ‘झारखंड शहरी स्वच्छता पुरस्कार’ योजना चार श्रेणियों में आयोजित की जायेगी. इनमें नगर निगम, नगर परिषद, नगर पंचायत और वार्डों को शामिल किया गया है. इसके तहत स्वच्छता के मामले में पहले से चौथे नंबर आनेवाले प्रतिभागियों को पुरस्कार राशि दी जायेगी. स्वच्छता के मामले में पहले स्थान पर आनेवाले शहर को दो करोड़ रुपये दिये जायेंगे. वहीं, सबसे स्वच्छ वार्ड को दो लाख रुपये का पुरस्कार दिया जायेगा.

दूसरे स्थान पर रहनेवाले सबसे स्वच्छ शहर को एक करोड़, जबकि दूसरे सबसे स्वच्छ वार्ड को 1.50 लाख रुपये का इनाम मिलेगा. तीसरे स्थान पर रहनेवाले शहर को 50 लाख और वार्ड को एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जायेगा. इसके अलावा सांत्वना पुरस्कार के रूप में स्वच्छ शहर को 25 लाख और स्वच्छ वार्ड को 50 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जायेगा. सबसे स्वच्छ शहर या वार्ड की दावेदारी 31 जनवरी तक संबंधित नगर निकाय कर सकते हैं. इसके लिए संबंधित नगर निकाय के हेड को अपनी दावेदारी स्वयं करनी होगी. वहीं, स्वच्छ वार्ड के लिए संबंधित वार्ड के पार्षद दावेदारी कर सकते हैं. नगर निकाय और वार्ड प्रतिनिधियों को दावेदारी शहरी विकास अभिकरण (सूडा) में करनी होगी.

नगर विकास विभाग द्वारा शहरी स्वच्छता पुरस्कार योजना के तहत 13 करोड़ 26 लाख 75 हजार रुपये की स्वीकृति दी गयी है. योजना के तहत स्वच्छ नगर के लिए मेयर व अन्य पदाधिकारी भी सम्मानित किये जायेंगे. इन्हें प्रशस्ति पत्र दिया जायेगा. स्वच्छ नगर पुरस्कार के लिए स्थानीय निकाय के मेयर, डीसी, डिप्टी मेयर, सीइओ, ओएसडी व सभी पार्षद को प्रशस्ति पत्र एवं शाल देकर सम्मानित किया जायेगा. वहीं, स्वच्छ वार्ड पुरस्कार मिलने पर वार्ड स्वच्छता समिति के अध्यक्ष, सभी सदस्य व संबंधित सिटी मैनेजर को प्रशस्ति पत्र दिया जायेगा. विभाग द्वारा जमशेदपुर और मानगो अधिसूचित क्षेत्र समिति को नगर निगम की श्रेणी में रखा गया है. जुगसलाई नगरपालिका को नगर पंचायत की श्रेणी में रखा गया है.

नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव अरुण सिंह ने कहा कि निकायों में प्रतियोगिता की भावना लाना के लिए स्वच्छ नगर पुरस्कार और वार्ड पुरस्कार की योजना शुरू की गयी है. जो आवेदन आयेंगे, उसके लिए मुख्यालय से एक टीम जायेगी. निकायों के दावों की जांच करेगी. इसके बाद ही स्वच्छ नगर या स्वच्छ वार्ड का चयन किया जायेगा. श्री सिंह ने कहा कि इससे भी अहम बात है कि स्वच्छता के प्रति लोग जागरूक हों. अपने आसपास गंदगी फैलने न दें. घर के कचरा सड़क पर या नाली में नहीं फेंके. उसे जमा करके रखें, निगम के लोग जाकर कचरा घर से ले जायेंगे.

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