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सबीता इंदिरा रेड्डी सयासी मुस्तक़बिल पर फ़िक्रमंद

हैदराबाद 21 अप्रैल: सदर वाई एस आर कांग्रेस जगन मोहन रेड्डी के ग़ैर मह्सूब असासा जात के मुक़द्दमा में मुल्ज़िम की हैसियत से नाम शामिल किए जाने के बाद वज़ीर-ए-दाख़िला पी सबीता इंदिरा रेड्डी ने सरकारी फ़राइज़ की अंजाम दही अमलन बंद करदी है।

हैदराबाद 21 अप्रैल: सदर वाई एस आर कांग्रेस जगन मोहन रेड्डी के ग़ैर मह्सूब असासा जात के मुक़द्दमा में मुल्ज़िम की हैसियत से नाम शामिल किए जाने के बाद वज़ीर-ए-दाख़िला पी सबीता इंदिरा रेड्डी ने सरकारी फ़राइज़ की अंजाम दही अमलन बंद करदी है।

जिस के बाइस एक तरफ़ उन के दफ़्तर में फाईलों की तादाद में दिन बह दिन इज़ाफ़ा होरहा है तो दूसरी तरफ़ उनके सयासी मुस्तक़बिल पर क़ियास आराईयां बढ़ती जा रही हैं।

वज़ीर की हैसियत से उन की बरक़रारी पर भी हाईकमान की ख़ामोशी से कांग्रेस और हुकूमत के हलक़ों में फिक्र् बढ़ति जा रहा है। चूँके दाख़िला अहम वज़ारत है और इस का ताल्लुक़ अवाम से है लिहाज़ा उऩ्हें रोज़ाना मुतअद्दिद फाईलों की यकसूई करनी पड़ती है।

महिकमा पुलिस के मुख़्तलिफ़ सीनीयर ओहदेदार इस बात पर परेशान हैं कि रोज़ाना रवाना की जाने वाली फाईलों की यकसूई नहीं हो पा रही है जिस से कई मसाइल ज़ेर इलतिवा हैं।

बताया जाता है कि सबीता इंदिरा रेड्डी सी बी आई चार्ज शीट में अपना नाम शामिल होने से परेशान हैं और वज़ारत में बरक़रारी पर हाई कमान के फ़ैसले की मुंतज़िर हैं वो सेक्रेटेरिएट जाना बंद करचुकी हैं और अपनी क़ियामगाह में भी सरकारी फाईलों को नहीं देख रही हैं।

जिस के बाइस फाईलों का अंबार जमा होचुका है और ख़ुद उन का पर्सनल स्टाफ़ भी फाईलों की बढ़ती तादाद से परेशान है। बताया जाता है कि उन के क़रीबी स्टाफ़ ने उन्हें मश्वरा दिया कि वो बाअज़ ज़रूरी फाईलों की यकसूई करदें ताके महिकमा के रोज़मर्रा के काम काज में रुकावट ना हो।

ताहम सबीता इंदिरा रेड्डी ने साफ़ लफ़्ज़ों में कह दिया कि हाईकमान और चीफ़ मिनिस्टर की तरफ से वाज़िह मौक़िफ़ के एलान तक वो किसी फाईल को हाथ नहीं लगाऐंगी।

पार्टी के कई सीनीयर क़ाइदीन और साथी वुज़रा ने उन से मुलाक़ात करके उन का ज़हन तबदील करने की कोशिश की के वो अहम मुआमलात के बजाय रोज़मर्रा के उमोर से मुताल्लिक़ फाईलों की यकसूई पर तवज्जा दें लेकिन सबीता इंदिरा रेड्डी इस के लिए तैयार नहीं हैं।

बाअज़ सीनीयर क़ाइदीन ने कांग्रेस आला कमान को मश्वरा दिया है कि इस अहम वज़ारत के बारे में तनाज़ा के पेशे नज़र सबीता इंदिरा रेड्डी के क़लमदान को फ़ौरी तबदील किया जाये ताके वज़ारत-ए-दाख़िला के काम काज में रुकावट पैदा ना हो।

लेकिन आला कमान ने चीफ़ मिनिस्टर को तबदीली की ताहाल इजाज़त नहीं दी है। इस तरह सबीता इंदिरा रेड्डी का सयासी मुस्तक़बिल ग़ैर यक़ीनी होचुका है।

वाज़िह रहे कि अप्पोज़ीशन की तरफ से सबीता इंदिरा रेड्डी के स्तीफ़ा के लिए दिन बह दिन दबाव‌ बढ़ता जा रहा है। पिछ्ले दिनों चीफ़ मिनिस्टर और सदर प्रदेश कांग्रेस ने दिल्ली का दौरा किया और दागदार वुज़रा के मसला पर सदर कांग्रेस सोनीया गांधी और नायब सदर राहुल गांधी से बातचीत की लेकिन इस मसले पर हाईकमान से उन्हें कोई वाज़िह हिदायात नहीं मिली हैं।

बताया जाता है कि कांग्रेस आला कमान इन वुज़रा को फ़िलवक़्त वज़ारत से हटाने के हक़ में नहीं है क्योंके इस से ना सिर्फ़ अप्पोज़ीशन को फ़ायदा होगा बल्के स्तीफ़ा की क़बूलीयत से ये महसूस होगा कि कांग्रेस ये तस्लीम कररही है कि वुज़रा स्क़ाम में मुलव्वस हैं।

सबीता इंदिरा रेड्डी से स्तीफ़ा लेने या फिर उन के क़लमदान की तबदीली की सूरत में पार्टी पर असर पड़ सकता है। बताया जाता है कि सी बी आई आइन्दा दिनों में मज़ीद तीन वुज़रा के ख़िलाफ़ चार्ज शीट दाख़िल करसकती है जिन के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट ने मुतनाज़ा जी औज़ की इजराई के सिलसिले में नोटिसें जारी की थीं।

इन जी औज़ की इजराई से जगन मोहन रेड्डी को फ़ायदा हुआ था। आइन्दा की तहक़ीक़ात में जो वुज़रा सी बी आई तहक़ीक़ात के घेरे में आसकते हैं इन में कन्ना लक्ष्मी ना रावना, पुन्नाला लकशमया और जय गीता रेड्डी शामिल हैं।

अगर कांग्रेस आला कमान सबीता इंदिरा रेड्डी और धर्मना प्रसाद राव‌ को काबीना से अलहदा करेगा या उन से स्तीफ़े तलब किए जाऐंगे तो उसे मज़ीद तीन वुज़रा से भी स्तीफ़े तलब करने पड़ेंगे। इस तरह रियासत में कांग्रेस के लिए मुश्किलात पैदा होसकती हैं।

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