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समाजवादी पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन आज, अखिलेश बन सकते हैं राष्ट्रीय अध्यक्ष

लखनऊ: समाजवादी पार्टी में मचे सियासी घमासान के बीच यूपी के सीएम अखिलेश यादव और पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव ने लखनऊ में रविवार को समाजवादी पार्टी का इमरजेंसी राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाया है। यह अधिवेशन जनेश्वर मिश्र पार्क में होगा। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव समाजवादी के राष्ट्रीय अध्यक्ष या कार्यकारी अध्यक्ष बन सकते है. आज समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में कई बड़े फैसले हो सकते हैं.

खबर के मुताबिक  इस सम्मेलन में शिवपाल नहीं आ रहे है,  मुलयाम सिंह के आने या न आने पर स्थिति साफ़ नहीं है . सम्मेलन में शिवपाल को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया जा सकता है और अमर सिंह को एक बार फिर पार्टी से बाहर किया जा सकता है.

बता दें कि राष्ट्रीय सम्मेलन बुलाने के लिए 40 फीसदी सदस्यों की मंजूरी लेनी होती है . यहां अखिलेश के पास 40 फीसदी से ज्यादा का समर्थन हैं.

यादव परिवार पांच सासंदो में से मुलयाम को अगल कर दिया जाए तो पत्नी डिंपल, चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव, रामगोपाल के बेटे अक्षय यादव और भतीजा तेज प्रताप यादव भी अखिलेश के साथ ही खड़े है.
कल से लगातार समजवादी पार्टी में मचे सियासी झगड़ों के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और पार्टी के महासचिव रामगोपाल यादव द्वारा रविवार को लखनऊ में पार्टी का इमर्जेन्सी राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाया है। जनवेश्वर पार्क में इस अधिवेशन का आयोजन किया है।

रोचक बात यह है की जनेश्वर मिश्र पार्क में लगे पोस्टेरों में सपा प्रदेश अध्‍यक्ष शिवपाल सिंह यादव का नाम नहीं है। साथ ही साथ शिवपाल के करीबी कई विधायको को भी पोस्टर से दूर रखा गया है।

दिलचस्प बात यह है कि मुलायम सिंह यादव ने इस अधिवेशन को असंवैधानिक करार दिया था। मुलायम का कहना था कि इसका अधिकार सिर्फ अध्यक्ष को है। हालांकि, शक्ति परीक्षण में अखिलेश की तरफ पलड़ा झुकने के बाद मुलायम को झुकना पड़ा।

मुलायम सिंह यादव के साथ शनिवार को हुई मुलाकात में अखिलेश यादव अपनी ये बात भी मनवाने में सफल रहे कि राष्ट्रीय अधिवेशन होगा। लिहाजा एक जनवरी को पार्टी का इमरजेंसी राष्ट्रीय अधिवेशन होना तय हो गया है।

अखिलेश ने सभी पार्टी कार्यकर्ताओं को अधिवेशन में आने को कहा है। अखिलेश ने साबित कर दिया कि अब वो ही समाजवादी पार्टी हैं, इसलिए वो अपनी सभी बात मनवाने में सफल रहे हैं। अब अखिलेश ये चाहेंगे कि संगठन में उन्हें बड़ा पद मिले। सूत्रों की माने तो वो राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद भी हो सकता है।

सपा लगातार ये कह रही है कि वो राज्य की 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लडने को तैयार है।अखिलेश ने साफ किया है कि राष्ट्रीय अधिवेशन कोई कार्यकर्ता सम्मेलन नहीं है।इसमें राज्य की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा होगी।

बता दें कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव की ओर से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव की पार्टी में वापसी के ऐलान के बाद लगा कि यह झगड़ा खत्म हो गया है, लेकिन कुछ मांगों को लेकर अखिलेश अब भी अड़े हुआ है।

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