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सरकारी अंगरेजी स्कूलों में 31% सीटें खाली

रियासत के सरकारी अंगरेजी स्कूलों में गार्जियन बच्चों का दाखला नहीं कराते। स्कूल में साल 2014 में दाखला के लिए हुई जांच इम्तिहान में कुल 1129 सीटें खाली रह गयीं। रियासत के इन स्कूलों में तकरीबन 31 फीसद सीटें खाली रह गयी हैं। मॉडल स्कूल म

रियासत के सरकारी अंगरेजी स्कूलों में गार्जियन बच्चों का दाखला नहीं कराते। स्कूल में साल 2014 में दाखला के लिए हुई जांच इम्तिहान में कुल 1129 सीटें खाली रह गयीं। रियासत के इन स्कूलों में तकरीबन 31 फीसद सीटें खाली रह गयी हैं। मॉडल स्कूल मरकज़ी स्पोंसर मंसूबा के तहत शुरू की गयी है।

15 अगस्त 2007 को मौजूदा वजीरे आजम ने इसकी ऐलान की थी। पहले मरहले में मुल्क भर में 6000 मॉडल स्कूल खोला जाना है। झारखंड में तालीमी नज़रिये से पसमानदा 203 ब्लॉक में मॉडल स्कूल खोलने की मंसूबा है। इसके तहत रियासत में 89 स्कूल खोले गये हैं। मरकज़ स्पोंसर इस मंसूबा में स्कूल में मरकज़ी स्कूल की तर्ज पर सहूलत दी जाती है। स्कूल में अंगरेजी से पढ़ाई होती है। स्कूल में क्लास छह में दाखला लिया जाता है।

इन स्कूलों में कुल 3560 सीटों पर दाखला के लिए टेस्ट लिया गया, जिसमें से 2431 बच्चों का सलेक्शन हुआ। एक स्कूल में 40 तालिबे इल्म के सीट की तजवीज है। गुजिशता साल भी इन स्कूलों में सीटें खाली रह गयी थीं। रियासत के 89 मॉडल स्कूलों में से 85 स्कूलों में 40 से कम तालिबे इल्म का दाखिला हुआ। पांच स्कूलों में दस से भी कम तालिबे इल्म का सलेक्शन हुआ। नौ स्कूल ऐसे हैं जिनमें 20 से कम तालिबे इल्म का सेलेक्शन हुआ है।

42 स्कूलों में तमाम एसटी सीटें खाली

रियासत के 89 मॉडल स्कूलों में से 42 स्कूलों में एसटी कोटे की तमाम सीटें खाली रह गयीं। रियासत में एसटी कोटे के तालिबे इल्म के लिए 1128 सीटें रिजर्व हैं। 89 स्कूलों में 438 तालिबे इल्म का सेलेक्शन हुआ है और 690 सीटें खाली रह गयीं। एससी तालिबे इल्म की सीटें भी खाली रह गयीं। एससी तालिबे इल्म के लिए 271 सीटें हैं जिसके लिए 109 तालिबे इल्म का सलेक्शन हुआ है।

बीसी और एमबीसी की सीटें भी खाली

रियासत में बीसी और एमबीसी कोटे की सीटें भी खाली रह गयीं। रियासत में एमबीसी के लिए 279 और बीसी के लिए 152 सीटें हैं। एमबीसी तबके के 115 और बीसी के 125 तालिबे इल्म कामयाब रहे। जेनरल तबके के 1780 में से 1644 तालिबे इल्म का सलेक्शन दाखला के लिए हुआ है।

12वीं क्लास तक होती है पढ़ाई

स्कूल में अंगरेजी के जरिये पढ़ाई होती है। स्कूल में क्लास छह से 12वीं तक की पढ़ाई की निज़ाम है। हर क्लास में दो सेक्शन रखने की तजवीज है। स्कूल में दाखला इम्तिहान की बुनियाद पर होती है। किताब भी सरकार की तरफ से दस्तयाब करायी जाती है। स्कूलों में स्लेबस भी अलग-अलग तरीके से बनाया जाना है। जिससे बच्चों में कियादत ताक़त, ग्रुप और तकनीकी तरक़्क़ी , हिस्सेदारी की कूवत का भी डिवैलप हो सके।

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