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सरकारी मुलाज़िमीन की राज़ दाराना तबदीली

तेलंगाना रियासत की अलाहिदा तक़सीम नौ तशकील के सिलसिले में मुलाज़िमीन की तक़सीम का अमल बहुत ही राज़दाराना अंदाज़ में किए जाने की वजह से तेलंगाना के रहने वाले मुलाज़िमीन में शकूक-ओ-शुबहात और तशवीश पैदा होचुकी है।

तेलंगाना रियासत की अलाहिदा तक़सीम नौ तशकील के सिलसिले में मुलाज़िमीन की तक़सीम का अमल बहुत ही राज़दाराना अंदाज़ में किए जाने की वजह से तेलंगाना के रहने वाले मुलाज़िमीन में शकूक-ओ-शुबहात और तशवीश पैदा होचुकी है।

मुलाज़िमीन की तबदीली, तेलंगाना से आंध्र को भेजे जाने में उनकी अपनी मर्ज़ी का भी जायज़ा लिया जाएगा और उनकी पसंद का ख़्याल रखा जाएगा। ये भी कहा गया हैके इस बारे में अभी ग़ौर-ओ-फ़िक्र किया जा रहा है ये भी एलान किया गया बल्कि ऑपशन (Option)इंतिख़ाब का हक़ हर मुलाज़िम की मर्ज़ी पर भी ग़ौर होगा।

इस तरह के मुतज़ाद बयानात और अफ़्वाहों की वजह से मुलाज़िमीन तेलंगाना में बेचैनी पाई जाती है। अगर ऑपशन हक़ इंतिख़ाब दिया जाये तो एक और पूरे शद-ओ-मद के साथ तहरीक जद्द-ओ-जहद का आग़ाज़ होगा।

मंसूबा बंद तरीके से बड़े पैमाने पर आंदोलन की तैयारी की जाएगी। मुलाज़िमीन जवाइंट एक्शण कमेटी ने इंतिबाह दिया था , एसी के मद्द-ए-नज़र हुकूमत मुलाज़िमीन की तक़सीम के प्रोग्राम पर राज़दाराना अंदाज़ इख़तियार किए हुए है।

इसी दौरान टी एन जी औज़ संघम तेलंगाना के 10 अज़ला में सरकारी मह्कमाजात में बरसर ख़िदमत आंध्रई मुलाज़िमीन की तमाम तर तफ़सीलात हासिल की जा रही हैं।

हैदराबाद सेक्रेटेरिएट में बरसर ख़िदमत आला ओहदेदारों की तफ़सीलात भी जंगी ख़ुतूत पर हासिल किए जाने की इत्तेला है। रियासत की तक़सीम के बिल की पार्लियामेंट में मंज़ूरी से क़बल भी रियासती हुकूमत ने जनवरी में हेल्थ कार्ड की इजराई के लिए सी एफ़ एम एस सिस्टम के ज़रीये बरसर ख़िदमत मुलाज़मीन की तमाम तर तफ़सीलात हासिल करलिए थे।

इस तरह महिकमा जाती मुलाज़िमीन की तफ़सीलात हासिल की जा रही हैं। पार्लियामेंट में बिल की मंज़ूरी के बादअज़ां 2 जून को 29 वीं रियासत तेलंगाना की तशकील होने को है।

चुनांचे मई के अवाख़िर तक मुलाज़िमीन की तक़सीम भी पूरी हो जानी चाहीए। हैदराबाद दोनों रियासतों का दस साल तक मुशतर्का दारुल हुकूमत रहेगा।

इस ताल्लुक़ से तेलंगाना बिल में ज़िक्र किया गया है। इस के मद्द-ए-नज़र आंध्रई मुलाज़िमीन से उनकी मर्ज़ी (Option)की जानकारी के लिए तैयार है।

तेलंगाना एन जी ओज़ का कहना हैके तक़सीम मुक़ामी और ग़ैर मुक़ामी इलाक़ाई मसला होना चाहीए उन्हें इख़तियार दे दिया जाये तो आंध्रई यहां रहने को तर्जीह देंगे।

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