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सरकारी स्कूल पेटला ब्रूज उर्दू और इंग्लिश मीडियम बुनियादी सहूलतों से महरूम

हुकूमत एक तरफ़ क़ानून हक़ तालीम बनाती है तो दूसरी तरफ़ इस पर मोअस्सर अमल आवरी को नजर अंदाज़ कर देती है जिस की वजह से तलबा और तालिबात को कई एक मसाइल का सामना करना पड़ता है। इस तरह की सूरते हाल और हुकूमत की अदम देख भाल और नाक़ुस इंतेज़ामात क

हुकूमत एक तरफ़ क़ानून हक़ तालीम बनाती है तो दूसरी तरफ़ इस पर मोअस्सर अमल आवरी को नजर अंदाज़ कर देती है जिस की वजह से तलबा और तालिबात को कई एक मसाइल का सामना करना पड़ता है। इस तरह की सूरते हाल और हुकूमत की अदम देख भाल और नाक़ुस इंतेज़ामात के बाइस सैंकड़ों तलबा तर्क तालीम पर मजबूर हो जाते हैं।

हैदराबाद गंगा जमुनी तहज़ीब के लिए सारी दुनिया में मिसाली है। यहां की तहज़ीब और रिवायत क़दीम है। यहां के आदाब और मेहमान नवाज़ी मुनफ़रद है। यही नहीं बल्कि दीगर ममालिक और रियास्तों से हुसूले ताअलीम के लिए सैंकड़ों अफ़राद हैदराबाद को तर्जीह देते हैं लेकिन दूसरी तरफ़ हुकूमत के मन्फ़ी रवैया की वजह से सरकारी स्कूल्स जोकि कई ख़ान्गी इमारतों में चलाए जाते हैं, ख़स्ता हाली का शिकार होकर रह गए हैं जहां ना तो बैतुल ख़ुला की सहूलत है और ना ही तलबा को पीने के पानी की सहूलत। ऐसे में बच्चों की सेहत पर मन्फ़ी असर पड़ रहा है।

इस तरह की एक मिसाल गवर्नमेंट प्राइमरी ऐंड हाई स्कूल पेटला ब्रूज (उर्दू और इंग्लिश मीडियम) की है जोकि बहादुर पूरा मंडल के तहत एक चार मंज़िला ख़ान्गी इमारत में चलाया जा रहा है लेकिन मालिक मकान ने स्कूली तलबा के साथ शफ़क़त और हमदर्दी के बजाए ज़ालिमाना रवैया अख़्तियार करते हुए तकालीफ़ पहुंचाने के तरीक़े इस्तेमाल कर रहे हैं।

इब्तिदा में ये स्कूल एक क़दीम देवढ़ी में चलाया जा रहा था लेकिन गुज़िश्ता दस साल क़ब्ल इस चार मंज़िला इमारत में से तीन मंज़िलों को माहाना 1.15 लाख रूपयों के किराया के इव्ज़ मुंतक़िल किया गया, जिस के चंद साल बाद ग्राउंड फ़्लोर से स्कूल को तख़लिया करवाया और अब इसे किराया पर सिर्फ़ दो मंज़िलों में स्कूल चलाया जा रहा है लेकिन अब इन मंज़िल पर भी स्कूल को बर्ख़ास्त करने के मुख़्तलिफ़ हर्बे इस्तेमाल करते हुए बुनियादी चीज़ें बर्क़ी, पानी और बैतुल ख़ुला की सहूलतों को मस्दूद कर दिया। इस तरह की सूरते हाल से तलबा ज़हनी और नफ़्सियाती तकलीफ़ का शिकार हो गए हैं।

उन्हों ने कलेक्टर से मुतालिबा किया कि वो इसी इमारत में स्कूल को बरक़रार रखते हुए तमाम बुनियादी ज़रूरतें फ़राहम करने के लिए मालिक मकान को पाबंद करें और मुस्तक़बिल में इस तरह की हरकतों से बाज़ रखने के इक़दामात करें।

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