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सर्जिकल स्ट्राइक पर भाजपा नेताओं की बयानबाज़ी से हो रहा है संदेह: एस सुधकर रेड्डी

सर्जिकल स्ट्राइक पर भाजपा नेताओं की बयानबाज़ी से हो रहा है संदेह: एस सुधकर रेड्डी

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के मना करने के बावजूद भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी ने केंद्र सरकार से सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत देश के सामने रखने की मांग की है। भकपा महासचिव एस सुधाकर रेड्डी ने कहा है कि केंद्र को लक्षित हमलों (सर्जिकल स्ट्राइक) के ‘सबूत’ इसलिए उपलब्ध करवाने चाहिए ताकि पाकिस्तान द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह साबित करने की कोशिश नाकाम की जा सके कि ऐसी कोई सैन्य कार्रवाई हुई ही नहीं। उन्होंने भाजपा पर उंगली उठाते हुए कहा कि इसके नेता जिस तरह की बयानबाज़ी कर रहे हैं , उससे संदेह पैदा होता है।

एस सुधाकर रेड्डी ने कहा कि भारत की जनता ने सेना की कार्रवाई पर कभी संदेह नहीं किया। हमारे लोग स्वाभाविक तौर पर इसपर यकीन करते हैं।’ पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय तौर पर यह छाप बनाई है कि कोई लक्षित हमला हुआ ही नहीं है।
दिल्ली से प्रकाशित जनसत्ता के मुताबिक, रेड्डी ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान उलझाव पैदा कर रहा है। हम लक्षित हमले पर संदेह नहीं करते लेकिन हमें दुनिया के सामने यह साबित करना है कि आखिर हुआ क्या था।’ उन्होंने कहा, सेना ने पाकिस्तान पर लक्षित हमला किया, पर भाजपा इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देना चाहती है। जब इसपर सवाल उठ रहे हैं , तब वे कहते हैं कि सेना का अपमान किया जा रहा है। जिस व्यक्ति को श्रेय लेना है, उसे जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए।’
उन्होंने कहा, ‘भाजपा के नेताओं की गैरजिम्मेदाराना बातें समस्याऐं बढ़ा रही है। इस समय भाजपा में लगभग हर व्यक्ति यह सोचता है कि वह देश का प्रधानमंत्री है । वह इस किस्म की बातें कहता है- ‘हम ऐसा करके दिखाएंगे। हम उन्हें (पाकिस्तान को) सबक सिखाएंगे।’ ’ उन्होंने कहा, ‘आम तौर पर छोटे पदों पर तैनात लोगों की ओर से भी जारी नकारात्मक बयानों को पाकिस्तान में भारी प्रचार मिल जाता है। इसलिए, इससे ज्यादा समस्याएं पैदा होंगी।’ रेड्डी ने कहा, ‘कुछ ऐसे लोग हैं, जो कहते हैं कि कोई हमला नहीं हुआ। हमले जरूर हुए होंगे लेकिन जिस तरह आक्रमक तरीके से भाजपा नेता प्रतिक्रिया दे रहे हैं, उससे कई लोगों के दिमाग में शक पैदा हो रहा है। भारत और पाकिस्तान को अब निश्चित तौर पर तनाव कम करने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘हम स्थायी रूप से झगड़ा जारी नहीं रख सकते। पड़ोसियों के तौर पर हमें हमेशा ही यहां रहना है। लेकिन पाकिस्तान की बात करें तो, दुर्भाग्यवश वहां असैन्य सरकार का सेना पर कोई नियंत्रण नहीं है।

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