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सहिष्णुता संविधान की नहीं, समाज की देन है: एमजे अकबर

मध्यप्रदेश: भारतीय आईएएस अफसरों को भारतीय विदेश नीतियों के बारे में समझाते हुए विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने आईएएस सर्विस मीट के तीसरे दिन प्रशासन अकैडमी में इस मुद्दे पर लेक्चर दिया। अकबर ने कहा कि देश में आजकल जो चुनौतियां है वो आजादी पाने की चुनौती से कहीं ज्यादा हैं।

सबसे बड़ी चुनौती इस वक़्त में देश की गरीबी है। देश में आजकल सहिष्णुता के मुद्दे पर काफी चर्चा होती है। लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि संविधान की वजह से हमें सहिष्णुता नहीं मिली। हमारे समाज में यह सैकड़ों सालों से मौजूद थी, इसलिए संविधान में इसका उल्लेख है। अकबर का कहना है कानूनों से कहीं ज्यादा ताकतवर है सोशल बिहेवियर जोकि हजारों सालों से चला आ रहा है।

इसके साथ उन्होंने पाकिस्तान पर निशाना साधा और कहा कि संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान आतंकवाद का गुणगान करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अब दुनिया पाकिस्तानों के इरादों को समझने लगे हैं।

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