Saturday , April 29 2017
Home / Delhi News / साक्षी महाराज की झूठी सफाई- ‘किसी समुदाय का नाम नहीं लिया बल्कि आबादी पर चिंता जताई’

साक्षी महाराज की झूठी सफाई- ‘किसी समुदाय का नाम नहीं लिया बल्कि आबादी पर चिंता जताई’

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद साक्षी महाराज ने शनिवार को अपने विवादास्पद बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने किसी समुदाय का नाम नहीं लिया, बल्कि बढ़ती आबादी पर चिंता जताई थी। सांसद महाराज ने मेरठ के एक मंदिर परिसर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के दौरान कहा था, “चार बीवी और 40 बच्चे हमारे देश को स्वीकार नहीं है। तलाक से मुस्लिम महिलाओं का उत्पीड़न हो रहा है।”

भाजपा सांसद के इस बयान पर विपक्ष ने जहां उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, वहीं शनिवार को उनकी ही पार्टी ने उनके बयान से किनारा कर लिया। उन्नाव से सांसद ने उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिकता से ओतप्रोत भाषण देने के एक दिन बाद मीडिया पर उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया।

साक्षी महाराज ने आईएएनएस से कहा, “मैंने कोई सांप्रदायिक भाषण नहीं दिया। संतों के एक समूह को संबोधित करते हुए मैंने देश में जनसंख्या विस्फोट को लेकर अपनी चिंता जताई थी। मेरे भाषण की वीडियोग्राफी की गई है और कहीं पर भी मैंने किसी समुदाय का नाम नहीं लिया है।”

अपनी विवादित टिप्पणियों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाले भाजपा नेता ने मेरठ में शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान समान नागरिक संहिता लागू करने की मांग उठाई थी और देश में जनसंख्या विस्फोट के लिए मुसलमानों को जिम्मेदार ठहराया था। मीडिया द्वारा प्रसारित भाषण में साक्षी महाराज कहते सुने गए, “जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है, जो देश के लिए समस्या है। लेकिन इसके लिए हिंदू जिम्मेदार नहीं हैं। इसके लिए चार बीवी तथा 40 बच्चों की बात करने वाले जिम्मेदार हैं।”

देश के एक और बंटवारे की चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा, “याद रखिए, अगर हिंदुओं की संख्या घटी तो देश विभाजित होगा।” सांसद ने कहा, “मैंने कहा था कि चार बीवी रखने और 40 बच्चे पैदा करने की मंजूरी नहीं दी जा सकती। महिलाएं मशीन नहीं हैं।” विपक्षी कांग्रेस और राज्य में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) ने सांसद की टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई और इसे चुनाव आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करार दिया। विवादास्पद टिप्पणी पर प्रतिक्रिया मांगने पर केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, “इसे भाजपा के रुख के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।”

Top Stories

TOPPOPULARRECENT