Wednesday , August 23 2017
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सीरीज हारने के बाद धोनी ने कहा.. टी20 में दिमाग का इस्तेमाल मत करो

कटक: जुनूबी अफ्रीका के हाथों टी20 सीरीज में मिली शिकस्त के बाद इंडियन कैप्टन महेंद्र सिंह धोनी ने कहा है कि हर साल एक खराब मुज़ाहिरा उन्हें याद दिलाता है कि इस फॉर्मेट में ज्यादा दिमाग का इस्तेमाल नहीं करना है.

धोनी ने दूसरे टी-20 में छह विकेट से मिली करारी हार के बाद कहा कि ,‘‘हर साल टी20 में हमने ऐसा एक मुज़ाहिरा देखा है जिसमें हम अच्छा नहीं खेल पाये. अब शायद हम आइंदा मैचों में खुलकर खेल सकेंगे.’’ उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि खुलकर नहीं खेलने और जरूरत से ज्यादा सोचने से टी20 क्रिकेट में मामला पेचीदा हो सकता है.

धोनी ने कहा कि,‘‘मेरा ज़ाती तौर पर मानना है कि मैने इस फॉर्मेट में बहुत दिमाग लगाया. खुलकर अपने स्ट्रोक्स खेलना जरूरी था. मैने शुरूआत में वैसे ही खेला. इस फार्मेट में आते ही बड़े शॉट्स खेलना जरूरी है.’’ बल्लेबाजी के आर्डर में ऊपर आने के बारे में उन्होंने कहा कि,‘‘ ज़्यादातर वक्त जब मैं बल्लेबाजी के लिये जाता हूं , चाहे वह 16वां या 17वां ओवर हो या चौथा या पांचवां ओवर जब विकेट गिर जाते हैं तब भी मेरा मानना होता है कि 130 के पार बनाना चाहिये जो अच्छा स्कोर होगा.’’ उन्होंने कहा ,‘‘मैं बल्लेबाजी आर्डर में इसलिये भी उपर आना चाहता हूं कि निचले आर्डर पर कोई और जिम्मेदारी ले. नंबर छह काफी अहम तरतीब या आर्डर है.’’

धोनी ने कहा कि टी20 सीरीज का पाजिटिव पहलू यह है कि इससे पांच मैचों की वनडे सीरीज से पहले सही टीम इम्तिज़ाज तलाशने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा ,‘‘टी20 की अच्छी बात यह है कि वनडे से पहले हमें अच्छी प्रैक्टिस मिल गयी है.

हम इसका पूरा फायदा उठाकर वनडे के लिये बेहतरीन टीम उतारेंगे.’’ धर्मशाला में हार की वजह खराब गेंदबाजी रही तो यहां बल्लेबाज कमजोर कड़ी साबित हुए हालांकि कप्तान ने बल्लेबाजों का बचाव किया. उन्होंने कहा ,‘‘ पिछले मैच में हमने अच्छी बल्लेबाजी की थी. हम दो पहलुओं पर मेहनत करना चाहते थे, एक रन आउट रोकना और दूसरा जल्दी विकेट नहीं गंवाना. इस मैच में इन्हीं दो वजहों से हमारी बल्लेबाजी कमजोर हुई.

हमें 140-150 रन बनाने चाहिये थे.’’ बल्लेबाजी के बारे में धोनी ने कहा ,‘‘अगर आप हमारी टीम को देखें तो टी20 और वनडे में ज़्यादातर बल्लेबाज वहीं हैं. यही हमारी ताकत है और अचानक से लोगों को उस तरह का खेल खेलने के लिये नहीं कह सकते जो उनकी ताकत नहीं है.’’

धोनी ने स्पिनर आर अश्विन की तारीफ की जिसने 24 रन देकर तीन विकेट लिये. उन्होंने कहा ,‘‘स्पिनर हमारी ताकत रहे हैं. उन्हें पिच से ज्यादा मदद नहीं मिल रही थी लेकिन उन्होंने उछाल का सही इस्तेमाल किया. धर्मशाला में मैदान छोटा होने से हम इज़ाफी स्पिनर को नहीं उतार सके थे.

कुल मिलाकर स्पिनर हमारी ताकत हैं और उनके अच्छा नहीं खेलने से हमारे मुज़ाहिरे पर असर पड़ता है .’’ धोनी ने आगे कहा कि ओस को देखते हुए मैच थोड़ा पहले कराना खराब तजवीज नहीं होगी. उन्होंने कहा ,‘‘मेरा हमेशा से मानना रहा है कि इस मौसम में हालात के सबब आखिरी वंडे चुनना मुश्किल होता है. कई मरतबा टॉस भी अहम हो जाता है.

और यही वजह है कि मैं मैच थोड़ा पहले शुरू करने का हिमायती रहा हूं ताकि ओस का ज्यादा असर नहीं पड़े.’’

बाराबती की पिच पर कुछ दरारें थी और धोनी ने कहा कि वे अपने मुताबिक पिचें बनाने की मांग नहीं करते, खासकर महदूद ओवरों के फार्मेट में. उन्होंने कहा कि ,‘‘वनडे और टी20 फार्मेट में हम ऐसी कोई मांग नहीं करते. मेजबान पिच बेहतरीन बनाता है और हम उसी पर खेलते हैं.’’

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