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सुनो अमित शाह और नरेंद्र मोदी, मैं फांसी पर लटक जाऊंगा पर तुम्हारा अहंकार चूर-चूर कर दूंगा : लालू

पटना/रांची. सीबीआइ छापेमारी को लेकर राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद रांची से लेकर पटना तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह पर खूब बरसे. उन्होंने कहा कि वह चिलर और खटमल जैसे लोगों के काटने से नहीं डरते हैं. वह इस तरह के लोगों को पब्लिक की दवाई से ठीक कर देंगे. लालू प्रसाद ने खुली चुनौती देते हुए कहा कि सुनो अमित शाह और नरेंद्र मोदी, मैं फांसी पर लटक जाऊंगा पर तुम्हारा अहंकार चूर-चूर कर दूंगा. आपलोगों को बिहार से लौटाया है. उन्होंने फिर दोहराया कि बिहार में गठबंधन है.

इस केस से महागठबंधन को कोई लेना-देना नहीं है. रांची में उन्होंने कहा, लालू मिट्टी में मिल जायेगा, पर झुकेगा नहीं. भाजपा हटाओ, देश बचाओ रैली से मोदी घबरा कर छापामारी करा रहे हैं. सीबीआइ जहां बुलायेगी, जायेंगे.

शुक्रवार को लालू रांची में सीबीआइ कोर्ट में पेशी के लिए थे. शाम में पटना लौटने पर उन्होंने कहा कि छापेमारी में सीबीआइ का उतना दोष नहीं है, जितना नरेंद्र मोदी और अमित शाह का है. सीबीआइ वाले कह रहे थे कि उनको ऊपर से आदेश मिला है. नरेंद्र मोदी ने जितना भी आइटी, इनकमटैक्स और सीबीआइ का हथियार था, वह चला लिया. दिल्ली का मोदी जो पेपर देता है यहां का मोदी (सुशील कुमार मोदी) उसी को यहां बोलता है. पूरा दोष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का है. वह मीडिया पर भी जम कर बरसे. कहा, कुछ मीडिया ने यह खबर दिन भर चलायी कि राबड़ी देवी से 17 घंटे पूछताछ किया गया. तेजस्वी प्रसाद यादव से आठ घंटे पूछताछ की गयी. लालू प्रसाद को रांची के गेस्ट हाउस में डिटेन कर लिया गया है. उन्होंने रांची से ही परिवार वालों के खबर कर दिया कि वह सीबीआइ के साथ सहयोग करें. जांच के दौरान जो भी इनवेंट्री तैयार की जाये, उसकी सीबीआइ टीम के हस्ताक्षर की फोटो कॉपी रख ले लेना. कहीं वह बाद में बदल नहीं जाये. उन्होंने बताया कि परिवार को यहां तक कहा कि सीबीआइ की टीम के गाड़ी को अंदर बुलाकर विदा करना. उनके पास सिक्युरिटी नहीं हो तो अपनी सिक्युरिटी लगा देना. उन्होंने बताया कि 1999 में आइआरटीसी का गठन किया गया और यह 2002 में फंक्शनल हुआ.

2003 में एजेंसी द्वारा रांची, हावड़ा और दिल्ली में यात्री निवास और होटल को हैंडओवर किया गया. 31 मई 2004 को वह रेल मंत्री बने. वर्ष 2006 में ओपेन टेंडर किया गया. सबसे अधिक बोली लगानेवाले को इसे दिया गया. तब एक करोड़ 15 लाख में टेंडर दिया गया. इसमें होटल की जगह कैसे जमीन मिल गया. जिस समय टेंडर किया गया उस समय राबड़ी देवी पब्लिक सर्वेंट नहीं थी और तेजस्वी प्रसाद यादव नाबालिग थे. तब कैसे केस कर दिया. यह लोग महागठबंधन में फूट डालना चाहते हैं. गांव-गांव के लोगों को 27 अगस्त की रैली में पटना बुला रहे हैं उसमें भंडाफोड़ करेंगे कि कैसे उन पर केस किया और बच्चों पर भी केस किया. झूठ का केस किया है

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