Thursday , October 19 2017
Home / Bihar News / सूखा मुतासीर किसानों को दिलाएं बैंक से क़र्ज़

सूखा मुतासीर किसानों को दिलाएं बैंक से क़र्ज़

वज़ीरे आला नीतीश कुमार ने कु-ओप्रेटिव और नेशनल बैंकों के ज़रिये सूखा मुतासीर इलाक़े के किसानों को ज़्यादा-से-ज़्यादा ज़िराअत क़र्ज़ फराहम कराने को कहा है। उन्होंने कहा कि सतही पानी के सूखने या मसनुई ज़राये से पानी की इंतिज़ाम हो

वज़ीरे आला नीतीश कुमार ने कु-ओप्रेटिव और नेशनल बैंकों के ज़रिये सूखा मुतासीर इलाक़े के किसानों को ज़्यादा-से-ज़्यादा ज़िराअत क़र्ज़ फराहम कराने को कहा है। उन्होंने कहा कि सतही पानी के सूखने या मसनुई ज़राये से पानी की इंतिज़ाम हो। पानी वसायल और मुख़तसर पानी वसायल हंगामी मंसूबा तैयार करें। ज़िराअत महकमा मुतबादिल फसल मंसूबा तैयार करे। डीजल और आनाज पर सब्सिडी दी जाये। सूखा मुतासीर इलाके के किसानों को जरूरत हुई, तो रबी फसल के लिए भी डीजल ग्रांट पर दिया जा सकता है।

33 अज़ला को सूखा मुतासीर का ऐलान करने के बाद की सुरते हाल की तजवीज़ बैठक में सीएम ने कहा कि तकरीबन 25 फीसद कम बारिश हुई है। मौजूदा माली साल में किसानों से कु ओप्रेटिव क़र्ज़, आबपासी फीस की वसूली मुल्तवी कर दी गयी है। इसे लागू करने के लिए आरबीआइ के साथ बैठक हो। मुतासीर अज़ला में रोजगार के ज़रिये फराहम कराने और जानवर वसायल का सही रखरखाव करना है। पीने के पानी का बहरान न हो, इसके लिए एसओपी का अमल करें। चापाकल और नलकूपों की मरम्मत कर ली जाये। जरूरत हो, तो गहरे चापाकल लगाएं।

अनाज की मसला से निबटने के लिए मुफ्त तक़सीम हो। मर्कज़ी हुकूमत से इजाफ़ी अनाज की मांग की जाये। पंचायतों में इजाफ़ी स्टोरेज़ रखा जाये। पीडीएस दुकानों में इसकी निज़ाम हो। किसी को भी भूख से मरने नहीं दिया जाये। मुखिया के हुक्म पर जरूरतमंदों को दस-दस किलो अनाज हर सप्ताह फी सख्स दिया जाये। पशुपालन महकमा के अफसर महाराष्ट्र जाएं और देखें कि वहां कैसे कैंप लगाया गया था। जानवरों के लिए चारा, पानी, दवाई की निज़ाम यकीन हो।

TOPPOPULARRECENT