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सैंडी से यू एन‌ के हेडक्वार्टर्स को शदीद नुक़्सानात

अक़वाम-ए-मुत्तहिदा,०३ नवंबर(पी टी आई) अमेरीका में इस सदी के क्यामत ख़ेज़ सेंडी तूफ़ान के सबब(कारण)मशरिक़ी रियासत के किनारे वाक़्य (मौजूद) अक़वाम-ए-मुत्तहिदा ( संयुक्त राष्ट्र / UN) के हेडक्वार्टर्स को बड़े पैमाने पर तबाही का सामना करना पड

अक़वाम-ए-मुत्तहिदा,०३ नवंबर(पी टी आई) अमेरीका में इस सदी के क्यामत ख़ेज़ सेंडी तूफ़ान के सबब(कारण)मशरिक़ी रियासत के किनारे वाक़्य (मौजूद) अक़वाम-ए-मुत्तहिदा ( संयुक्त राष्ट्र / UN) के हेडक्वार्टर्स को बड़े पैमाने पर तबाही का सामना करना पड़ा है।

अक़वाम-ए-मुत्तहिदा के सिक्योरिटी सरबराह ने इस बात की तौसीक़ ( पुष्टी) की है। अक़वाम-ए-मुत्तहिदा की वसीअ-ओ-अरीज़ इमारत जो गुज़शता पीर ( सोमवार) से बंद थी, गुज़शता रोज़ दुबारा खोल दी गई है। अमेरीका के मशरिक़ी साहिल पर सेंडी तूफ़ान के सबब न्यूयार्क और न्यूजर्सी में आम ज़िंदगी अमलन दिरहम ब्रहम ( अस्त व्यस्त) हो गई थी।

तूफ़ान के नतीजे में कम अज़ कम 80 अफ़राद हलाक हो गए थे और बड़े पैमाने पर मआशी ( माली/ आर्थिक) नुक़्सानात हुए हैं। अक़वाम-ए-मुत्तहिदा के ओहदेदारों ने इस इमारत को सेंडी तूफ़ान के सबब पहुंचने वाले नुक़्सानात का तफ़सीली जायज़ा लिया और कहा है कि अक़वाम-ए-मुत्तहिदा हेडक्वार्टर को क़ियामत ख़ेज़ आंधी और तूफ़ान से बदतरीन नुक़्सानात पहुंचे हैं, जिस के नतीजे में मुवासलाती ( Communication) निज़ाम और इंफ्रास्ट्रक्चर बुरी तरह मुतास्सिर हुआ है।

मंगल की सुबह आंधी और तूफ़ान से इस इदारा की इमारत को भयानक नुक़्सानात पहुंचे हैं। इलावा अज़ीं ( इसके अतिरिक्त) अमेरीका के इस इलाक़ा में सेंडी तूफ़ान ने मंगल को क़ियामत ख़ेज़ तबाही मचाई थी जिसकी माज़ी (पिछले दिनो/ भूतकाल) में कोई मिसाल नहीं मिलती।

अक़वाम-ए-मुत्तहिदा ( UN) ने तहफ़्फ़ुज़-ओ-सलामती के शोबा के नायब सेक्रेटरी जनरल ग्रेगोरी स्टार ने सहीफ़ा निगारों से बातचीत करते हुए इन तफ़सीलात का इन्किशाफ़ ( ज़ाहिर) किया। उन्होंने कहा कि अगरचे सेंडी तूफ़ान की तबाह कारीयों के बारे में पहले ही ख़बरदार किया जा चुका था, लेकिन दरहक़ीक़त ( वास्तव मे) इस से पहुंचने वाले नुक़्सानात क़ियास आराईयों से कहीं ज़्यादा रहे।

तूफ़ान के सबब अक़वाम-ए-मुत्तहिदा के नशीबी मंज़िलों में पानी जमा हो गया है, जिस से इस आलमी इदारा के बर्क़ी-ओ-मुवासलाती ( Electricity and Communication ) निज़ाम दिरहम ब्रहम होगए हैं जो हनूज़ ( अभी तक) बहाल नहीं हो सके हैं। इंतिज़ामी उमूर के नायब सेक्रेटरी जनरल यूकियो लुका सौ ने कहा कि बर्क़ी शॉर्ट सर्किट की वजह से अक़वाम-ए-मुत्तहिदा की इमारत में आग भड़क उठी थी, जिस के नतीजा में इस इमारत में बर्क़ी सरबराही को मज़बूत कर दिया गया था और ये आलमी इदारा कई बरसों में शायद पहली मर्तबा मुकम्मल तौर पर तारीकी ( अंधकार/ अंधेरे) में डूब चुका था।

इलावा अज़ीं मुवासलाती निज़ाम ( Communication Department) भी बिलकुल मफ़लूज-ओ-नाकारा हो गया। हती ( यँहा तक ) कि वेब साईट भी मुतास्सिर हुए हैं। अक़वाम-ए-मुत्तहिदा के सेक्रेटरी जनरल बाण की मून ने अमेरीका, हटी और डोमीनीकन रीपब्लिक के सदर के अलावा न्यूयार्क के मेयर के नाम अपने पयामात रवाना करते हुए तूफ़ान सेंडी की तबाह कारीयों पर इज़हार-ए-अफ़सोस करते हुए उन से यगानगत ( सहमति) का इज़हार किया।

इलावा अज़ीं इमदाद-ओ-बाज़ आबाद कारी के कामों में अक़वाम-ए-मुत्तहिदा की जानिब से मुकम्मल तआवुन (सहायता/ मदद) का अह्द किया है। बाण की मून के तर्जुमान ( Spokesperson) ने कहा है कि अक़वाम-ए-मुत्तहिदा के सरबराह ने अमेरीकी रियासतों न्यूयार्क और न्यूजर्सी के गवर्नरों के इलावा कैरेबियाई ममालिक के सरबराहान से टेलीफ़ोन पर बातचीत करने का इरादा ज़ाहिर किया है ताकि तूफ़ान सेंडी की तबाह कारीयों पर बातचीत करते हुए मुसीबत की इस घड़ी में उन से यगानगत का इज़हार किया जा सके।

अक़वाम-ए-मुत्तहिदा के ज़राए ने कहा है कि इस आलमी (राष्ट्रीय) इदारा में मामूल के मुताबिक़ मसरुफ़ियात की दुबारा बहाली में वक़्त दरकार होगा। मुताल्लिक़ा ओहदेदारों ने कहा कि अक़वाम-ए-मुत्तहिदा की तजदीद कारी और आहक पाशी ( नवीनीकरण ) के लिए 1.9 बिलीयन डालर का मंसूबा बनाया गया है और ये काम 2013 तक मुकम्मल हो जाएगा।

लुका सौ ने कहा कि तूफ़ान सेंडी से क़बल एहतियाती तदाबीर किए गए थे, जिस के नतीजा में नुक़्सानात को किसी हद तक कम करने में मदद मिली है, लेकिन तूफ़ान से पहुंचने वाले नुक़्सानात का तख़मीना ( अंदाज़ा/ अनुमान) करना फ़िलहाल क़बल अज़वक़्त होगा।

सैलाबी पानी इस इमारत में दाख़िल हो जाने के सबब सलामती कौंसल के इजलास ( सभा) को इस के मुक़र्ररा चैंबर से अलैहदा इमारत को मुंतक़िल करना पड़ा था, जहां मुनाक़िदा एक इजलास में सोमालिया की सूरत-ए-हाल पर ग़ौर किया गया। लुका सौ ने कहा कि ये इंतिहाई ख़तरनाक तूफ़ान था, जिस की माज़ी ( भूतकाल) में कोई मिसाल नहीं मिलती और इस तूफ़ान सेंडी के गुज़र जाने के बाद हम ने कई सबक़ सीखे हैं। इस आलमी इदारा की बुनियादी ख़िदमात बहाल करने की कोशिशें जारी हैं।

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