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सैयारह ज़ुहरा की गर्दिश (चक्कर) पर सह रोज़ा सेमीनार

सैयारह ज़ुहरा की गर्दिश (चक्कर )से सूरज और ज़मीन के दरमियान पैदा होने वाले नादिर(अदभुत) फ़लकयाती नज़ारा पर जामिआ उस्मानिया के शोबा(क्षेत्र) इल्म नुजूम ने विज्ञान प्रसार शोबा(क्षेत्र) साईंस-ओ-टेक्नालोजी के तआवुन से सह रोज़ा वर्क

सैयारह ज़ुहरा की गर्दिश (चक्कर )से सूरज और ज़मीन के दरमियान पैदा होने वाले नादिर(अदभुत) फ़लकयाती नज़ारा पर जामिआ उस्मानिया के शोबा(क्षेत्र) इल्म नुजूम ने विज्ञान प्रसार शोबा(क्षेत्र) साईंस-ओ-टेक्नालोजी के तआवुन से सह रोज़ा वर्कशॉप मुनाक़िद (आयोजित) करने का फैसला किया है । प्रोफेसर पी वीवेका नंद राव सदर शोबा(क्षेत्र) इल्म नुजूम ने आज एक प्रेस कान्फ़्रैंस के दौरान ये बात बताई ।

उन्हों ने बताया कि 7 ता 9 मई को मुनाक़िद (आयोजित) होने वाले इस वर्कशॉप के दौरान सैयारह ज़ुहरा की गर्दिश (चक्कर )से होने वाली तब्दीलियों पर तबादला-ए-ख़्याल किया जाएगा । प्रोफेसर पी वीवेका नंद राव ने बताया कि इस नादिर(अदभुत) फ़लकयाती वाक़िया के ज़रीया निज़ाम-ए-शम्शी की पैमाइश को यक़ीनी बनाया जा सकता है ।उन्हों ने बताया कि इस तरह का नादिर(अदभुत) वाक़िया सदी में 13 यह 14 मर्तबा ज़हूर पज़ीर होता है ।

इस सह रोज़ा वर्कशॉप में माहिर फ़लकियात (astronomer) प्रोफेसर जयंत के इलावा डाक्टर सुबोध माहंती डायरेक्टर विज्ञान प्रसार और दीगर माहिर फ़लकियात-ओ-इल्म नुजूम(astrology) के माहिरीन शिरकत करेंगे । उन्हों ने बताया कि ज़मीन से सूरज तीसरा सैयारह है और उन के दरमियान ज़ुहरा के पहूंचने से सूरज के हुजम और ज़मीन से सूरज के फ़ासले का सही अंदाज़ा भी बा आसानी लगाया जा सकेगा ।प्रोफेसर पी वीवेका नंद राव ने बताया कि इस नादिर(अदभुत) नज़ारा के वक़ूअ पज़ीर (ख़त्म)होने के बाद जो सूरत-ए-हाल पैदा होगी इस पर वर्कशॉप में सैर हासिल मुबाहिस किए जाएंगे।

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