Thursday , July 20 2017
Home / International / स्नैपचेट के CEO के भारत विरोधी बयान के बाद तेजी से घटे भारतीय यूजर्स

स्नैपचेट के CEO के भारत विरोधी बयान के बाद तेजी से घटे भारतीय यूजर्स

सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म स्नैपचेट के सीईओ इवन स्‍पीगल के बयान पर विवाद गहरा गया है। ट्विटर पर भारतीय यूजर्स ने स्‍पीगल और स्नैपचेट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। स्‍पीगल ने कथित तौर पर कहा था कि स्नैपचेट भारत जैसे गरीब देशों के लिए नहीं है। अमेरिका में स्नैपचेट के खिलाफ उसके एक पूर्व कर्मचारी द्वारा दायर कानूनी मामले को लेकर छपी एक रिपोर्ट में स्‍पीगल का यह अपुष्‍ट बयान आया है।

 

 

 

 

 

पूर्व स्नैपचेट कर्मचारी एंथनी पोम्पिलानो ने अपने केस में दावा किया कि स्‍पीगल ने एक बार कहा था कि यह एप केवल अमीरों के लिए है और मैं इसे भारत और स्‍पेन जैसे गरीब देशों तक नहीं फैलाना चाहता। यह रिपोर्ट सामने आते ही सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म्‍स पर भारतीय लगातार स्‍नैपचैट और स्‍पीगल को निशाना बनाए हुआ हैं।

 

 

 

 

 

रविवार को स्नैपचेट ने कथित तौर इस दावे का जवाब दिया। कंपनी ने कहा कि यह बकवास है। जाहिर है कि स्नैपचेट सबके लिए है। यह पूरी दुनिया में मुफ्त डाउनलोड के लिए उपलब्‍ध है। इस बीच स्नैपडील के सह-संस्थापक और सीईओ कुणाल बहल ने भी ट्वीट किया है और साथ ही दूसरे लोग भी ट्वीट कर चुके हैं।

 

 

 

 

 

 

एक ट्वीट में कुछ ऐसे उड़ाया गया है उनका मजाक। ‘अभी अभी स्नैपचैट डाऊनलोड किया है सिर्फ अनइंस्टॉल करने के लिए और वो भी जियो के कनेक्शन से। समझ नहीं आ रहा अमीर हूँ या गरीब।’ स्नैपचैट का हेडक्वॉटर लॉस एंजिल्स, कैलिफॉर्निया में है।

 

 

 

 

पिछले कुछ दिनों में यह ऐप चलन में आया है। इस इमेज मैसेजिंग ऐप को अब तक 500 मिलियन से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है। इसको 2011 में सैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट ईवान स्पीगल, बॉबी मुर्फी और रेज्जी ब्राउन ने बनाया था।

TOPPOPULARRECENT