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मोदी के ‘स्लम फ्री वडोदरा’ के सपने में उजड़े 318 मुस्लिमों के घर

वडोदरा: बात 31 मई 2016 की है जब गुजरात के वडोदरा में ‘स्लम फ्री वडोदरा’ अभियान को सफल बनाने के लिए मुस्लिम आबादी वाली सुलेमानी चॉल को तोड़ने के लिए वडोदरा म्युनिसिपल कारपोरेशन के अधिकारी बुलडोज़र लेकर पहुंचे।

चॉल में रह रहे अधिकतर मुस्लिम परिवारों का बरसों से टिकाना रही इस चॉल से हटने के बदले परिवारों को “बेसिक सर्विसेज टू अर्बन पूअर्स” यानी शहरी गरीबों के लिए मूलभूत सुविधाएँ मुहैय्या करवाने की स्कीम के तहत घर बनाकर देने का आश्वासन दिया गया।

चॉल में गिराए गए 318 मकानों में रह रहे परिवारों में से महज 130 परिवारों को दभोई रोड पर स्थित कापूराई इलाके में मकान अलाट किये गए। उच्च जाति के हिन्दू परिवारों की आबादी वाला यह इलाका हनुमान टेकरी के बगल में है जहाँ साल 2002 के दंगों के दौरान बेस्ट बेकरी कांड हुआ था। बेस्ट बेकरी कांड में जो बात गौर करने वाली है वो यह है कि यह बेकरी मुस्लिम परिवार द्वारा चलाई जा रही थी।

सुलेमानी चॉल में से हटाकर कापूराई इलाके में बसाए गए परिवारों को इस इलाके के इतिहास के बारे में तो मालूम ही है लेकिन आज के हालात भी काफी परेशान करने वाले हैं। मुस्लिम परिवारों के यहां बसाये जाने से इलाके में रह रहे हिन्दू परिवार काफी परेशान हैं और इस परेशानी को उन्होंने जिला कारपोरेशन अधिकारी को चिट्ठी लिखकर जाहिर किया है और इन परिवारों को यहाँ से हटाने की पुरज़ोर मांग की है। इसके इलावा इलाका निवासी हिंदुओं ने इस मांग को लेकर जगह-जगह पोस्टर भी लगाए हैं।

इलाका निवासियों का कहना है कि सुलेमानी चॉल से आये इन मुसलमानों मारपीट और गाली गलौच करने के लिए बदनाम हैं ऐसे लोगों के नज़दीक रहने से उनकी ज़िन्दगी हराम होती जा रही है। इलाके में नए-नए आए मुसलमानों के लिए मुसीबतें सिर्फ इतनी ही नहीं हैं। चॉल से नए और बेहतर आवास की उम्मीद लिए यहाँ बसने आए मुसलमानों को रहने के लिए छत्त तो मुहैय्या करवाई गयी लेकिन इस छत्त के इलावा उनके पास न तो पीने का पानी है और न ही उजाला करने के लिए बिजली। ऐसे में तंगी से वक़्त काट रहे मुस्लिम परिवारों का कहना है कि 21000 रूपये की रकम जोकि इस स्कीम के तहत आवास पाने के लिए सरकार की तरफ से तय की गई है भरने के बावजूद वो लाचारी भरा जीवन जीने के लिए मजबूर हैं।

सुलेमानी चॉल से उठकर इन घरों में रहने आये मुस्लिम परिवारों के साथ 30 के करीब हिन्दू परिवार भी हैं। 65 साल की भगवती भी उन्हीं हिन्दू परिवारों में से हैं। हाल ही में एक आपरेशन के बाद चल फिर सकने में असमर्थ भगवती को चौथी मंज़िल पर आवास अलाट कर दिया गया है जिसे कारपोरेशन अधिकारियों के सामने की गई मिन्नतों के बाद भी बदला नहीं जा रहा। आपरेशन के बाद रिकवरी की राह पर चल रही भगवती के लिए पीने का पानी तक उसके साथ रह रहे मुस्लिम परिवार मुहैय्या करवा रहे हैं।

बाकी के परिवार जिन्हें अभी तक आवास नहीं दिया गया है के बारे में बात करने पर कॉर्पोरेशन अधिकारियों ने बताया कि बाकी के लोगों को आवास प्रदान करने की प्रकिर्या तेजी से चल रही है और जल्द ही सभी को आवास दे दिए जाएंगे।

 

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