Saturday , May 27 2017
Home / Delhi / Mumbai / स्वतंत्रता सेनानी उधम सिंह का परिवार गरीबी का शिकार, क्लर्क की नौकरी पाने के लिए 10 साल से संघर्ष

स्वतंत्रता सेनानी उधम सिंह का परिवार गरीबी का शिकार, क्लर्क की नौकरी पाने के लिए 10 साल से संघर्ष

नई दिल्ली: अब जबकि देश की जनता पर राष्ट्रवाद और देशभक्ति प्रमुख होती आ गई है केंद्रीय क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी उधम सिंह के पूतरे सरकार पंजाब में एक प्यून की नौकरी पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जिसका वादा पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने 10 साल पहले किया था। चूंकि राज्य में पार्टी पिछले 10 साल से सत्ता से बाहर है जिसके कारण कांग्रेस सरकार का वादा पुरा नहीं हो सका।

उधम सिंह की बड़ी बहन के पड़पोते जगा सिंह ने शिरोमणि अकाली दल और भाजपा सरकार से बार-बार निवेदन किया हैं लेकिन कोई नतीजा नहीं हो सका। एक साहसी कार्रवाई में उधम सिंह ने जलियान वाला बाग में बैसाखी के दिन 13 अप्रैल 1919 को जनरल डाईर आदेश पर सैकड़ों लोगों की मौत का बदला लिया था, संघर्ष स्वतंत्रता के दौरान पेश आए इस खूनी घटना के मौके पर उधम सिंह मौजूद थे।

उन्होंने 21 साल बाद लंदन में माइकल और डानईर को मौत के घाट उतार दिया था, हत्या के आरोप में उन्हें लंदन में फांसी दे दी गई थी, इस बहादुर और निडर स्वतंत्रता सेनानी के परिवार अब गरीब और गरीबी जीवन गुज़ार रहा है। जगा सिंह सदस्यों परिवार की परवरिश के लिए दैनिक मजदूरी पर मजदूरी कर रहे हैं लेकिन सरकार एक मामूली नौकरी प्रदान करने में असमर्थ है।

Top Stories

TOPPOPULARRECENT