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सज़ा-ए-याफ़ता अरकान-ए‍-पार्लियामेंट को फ़ौरी नाअहल क़रार देने का मुतालिबा

सज़ा-ए-याफ़ता अरकान-ए-पार्लियामेंट‌ लालू प्रसाद यादव और जगदीश शर्मा को नाअहल क़रार देने के लिए आलामीया की इजराई के तरीका-ए-कार पर पाई जाने वाली ग़ैर यक़ीनी को ख़त्म करते हुए अटार्नी जनरल ने लोक सभा सेक्रीट्रेट‌ से कहा कि वो फ़ौरी आलामी

सज़ा-ए-याफ़ता अरकान-ए-पार्लियामेंट‌ लालू प्रसाद यादव और जगदीश शर्मा को नाअहल क़रार देने के लिए आलामीया की इजराई के तरीका-ए-कार पर पाई जाने वाली ग़ैर यक़ीनी को ख़त्म करते हुए अटार्नी जनरल ने लोक सभा सेक्रीट्रेट‌ से कहा कि वो फ़ौरी आलामीया जारी करते हुए नशिस्तों के मख़लवा होने का ऐलान करदे।

इस मौज़ू पर दो हफ़्तों के दौरान दूसरी मर्तबा अपनी राय देते हुए अटार्नी जनरल जी ई वाहनवती ने ये वाज़िह कर दिया कि एक रुकन पार्लियामेंट उसी रोज़ से ही अपनी रुकनीयत से नाअहल क़रार पाता है जिस दिन उसे अदालत की जानिब से सज़ा-ए-सुनाई जाती है। लिहाज़ा फ़ौरी नशिस्त के ख़ाली होने का ऐलान किया जाना चाहीए।

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के अहकाम की तामील में ताख़ीर की सूरत में मसाइल पैदा होने का ज़िक्र करते हुए कहा कि आलामीया की इजराई में कोई ताख़ीर का मतलब सुप्रीम कोर्ट के अहकाम की ख़िलाफ़वरज़ी है। मुल्क के आला तरीन वकील ने वाज़िह किया कि मुताल्लिक़ा ऐवान की जानिब से ही आलामीया जारी किया जाना चाहीए। क़ब्लअज़ीं उन्होंने अपनी राय में कहा था कि अरकान-ए‍-पार्लियामेंट को फ़ौरी नाअहल क़रार दिया जाये।

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