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हक के लिए अब एक और लड़ाई : बाबूलाल मरांडी

रांची : झारखंड दिशोम पार्टी के बैनर तले मुक़ामी पॉलिसी, तकर्रुरी पॉलिसी व नक़ल मकानी को लेकर गवर्नर हाउस के सामने मार्च किया गया। मोरहाबादी मैदान से गवर्नर हाउस तक मुनक्कीद इस मार्च में जेडीपी सरबराह सालखन मुर्मू व झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी समेत सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया। गवर्नर के सामने मुनक्कीद एक इजलास में मरांडी ने कहा कि अभी तक जो भी वैकेंसी निकल रही है उसमें ओपन कोटे के सीटों पर 60 से 70 फिसद बाहरी की बहाली हो रही है। अभी जो बहाल हो जाएंगे वे कम से कम 30 साल तक नौकरी करेंगे। इसके बाद ही दुबारा ओहदे खाली हो पाएंगे।

मरांडी ने कहा कि हर रियासत में तीसरे व चौथे तबके की नौकरियां मुक़ामी के लिए रिजर्व है। रियासती हुकूमत एक मेंडेंट लाकर मरकज़ी हुकूमत को भेजे और यहां के नौकरियों को भी मुक़ामी लोगों के लिए फ्रीज करने का काम करे। मुक़ामी पॉलिसी के साथ-साथ मुलाज़िमत पॉलिसी भी जरूरी है। मरांडी ने कहा कि इस रियासत में मुखतलिफ़ कंपनियों, कल-कारखानों व डैमों के तामीर के बाद लाखों लोग नक़ल मकानी हुए।
उन्होंने कहा कि एक लड़ाई अलग रियासत की लड़ी गई, अब एक और लड़ाई हक व हुकुक के लिए लड़नी होगी। जेडीपी सरबराह सालखन मुर्मू ने कहा कि कानून की दफा 309 के तहत रियासत में बिला ताखीर मुलाज़िमत पॉलिसी का तय होना चाहिए। कोल्हान डिवीज़नल से सैकड़ों की तादाद में लोग रिवायती असलाह के साथ शामिल हुए। बाद में एक वफद ने गवर्नर से मिलकर तीन नुकाती मुतालिबात खत सौंपा।

 

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