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हज के लिए नया सयान्ती मंसूबा नाफ़िज़ उल-अमल

मक्का-ए-मुअज़्ज़मा। 17 अक्टूबर (एजैंसीज़)। गवर्नर मक्का-ए-मुअज़्ज़मा शहज़ादा ख़ालिद अल-फ़ैसल ने कहा कि ममलकत सऊदी अरब क़ानून की हर ख़िलाफ़वरज़ी के ख़िलाफ़ आइन्दा हज के मौक़ा पर कार्रवाई करेगी, जैसे कि ग़ैर मजाज़ आज़मीन-ए-हज्ज के सड़कों पर क़ियाम जिस

मक्का-ए-मुअज़्ज़मा। 17 अक्टूबर (एजैंसीज़)। गवर्नर मक्का-ए-मुअज़्ज़मा शहज़ादा ख़ालिद अल-फ़ैसल ने कहा कि ममलकत सऊदी अरब क़ानून की हर ख़िलाफ़वरज़ी के ख़िलाफ़ आइन्दा हज के मौक़ा पर कार्रवाई करेगी, जैसे कि ग़ैर मजाज़ आज़मीन-ए-हज्ज के सड़कों पर क़ियाम जिस की बिना पर जायज़ हाजियों की नक़ल-ओ-हरकत में रुकावट पैदा होती है, हुकूमत ने ऐसे मंसूबे तैय्यार करलिए हैं जिन के ज़रीया हाजियों को ज़्यादा से ज़्यादा सहूलतें और आराम फ़राहम किया जाएगा। उन्हों ने कहा कि हज की अदायगी के दौरान हाजियों को तमाम क़वाइद-ओ-ज़वाबत की पाबंदी करना चाहिए। वो मक्का-ए-मुअज़्ज़मा की मर्कज़ी हज कमेटी के सदर नशीन भी हैं। उन्हों ने कहा कि जारीया साल मुहिम की तवज्जा क़वाइद की पाबंदी पर मर्कूज़ होगी। तमाम शहरीयों को अपनी शहरीयत की दस्तावेज़ात हासिल करनी होंगी और ग़ैर मुल्की आज़मीन-ए-हज्ज को महिकमा पासपोर्ट से हज करने का परमिट हासिल करना होगा। उन्हें एहतियात बरतनी होगी, क्योंकि नक़ली हज एजैंट कई आज़मीन-ए-हज्ज को धोका देते हैं। उन्हें गै़रक़ानूनी कंपनीयों की गाड़ीयों में सफ़र करने से गुरेज़ भी करना चाहिए। उन्हों ने कहा कि मुहिम का नारा हज एक इबादत है होगा।

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