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‘हम भीख नहीं अपना हक मांगने आए हैं’

नई दिल्‍ली, 17 मार्च: बिहार के वज़ीर ए आला नीतीश कुमार ने आज ( एतवार) को दिल्‍ली के रामलीला मैदान में मुनाकिद अधिकार रैली में बिहार को खास रियासत का दर्जा देने की मांग पुरजोर तरीके से उठाएं।

नई दिल्‍ली, 17 मार्च: बिहार के वज़ीर ए आला नीतीश कुमार ने आज ( एतवार) को दिल्‍ली के रामलीला मैदान में मुनाकिद अधिकार रैली में बिहार को खास रियासत का दर्जा देने की मांग पुरजोर तरीके से उठाएं।

नीतीश ने भारत और इंडिया का फर्क खत्‍मकर मजमूई तरक्की ( Inclusive Growth) के जरिए समाज के सभी तबकात को साथ लेकर चलने और इक्तिसादी पालीसीयों में बदलाव लाने का ऐलान किया।

खास रियासत के मुद्दे पर बिहार में कई रैलियां मुनाकिद कर चुके नीतीश कुमार ने पहली मरतबा दिल्ली में अपनी सयासी ताकत दिखाने की कोशिश की।

रैली में नी‌‌तीश कुमार ने कहा कि बिहार को खास रियासत का दर्ज़ा अभी नहीं दिया गया तो 2014 में जो हुकुमत आएगी उसे बिहार को खास रियासत का दर्ज़ा का जरूर देना होगा।

उन्होंने कहा कि 2014 का इस्तेमाल बिहार के लोग ऐसे मौके पर करेंगे, जिस‌से उनकी मांग मानी जा सके।

नीतीश ने मरकज़ की यूपीए हुकूमत को चैलेंज देते हुए कहा, ‘2014 में दिल्ली की कुर्सी पर वही हुकूमत बैठेगी, जिसे पिछड़े रियासतों के भलाई की फिक्र होगी। उन्होंने कहा, ‘हम न बाएं देख रहे हैं और ना दाएं। हम सीधे देख रहे हैं। मरकज़ में वही हुकूमत होनी चा‌हिए जिसे हमारे लिए भलाई की फिक्र हो।’

उन्होंने कहा कि बिहार को अगर खास रियासत का दर्ज़ा मिले तो यह भी तेजी से तरक्की कर सकता है।

रैली में नीतीश कुमार कुमार ने कहा कि दिल्ली में भी जो बिहारी रहते हैं, वे मेहनत और हुनर की बदौलत कमाते हैं लेकिन वे तंग गलियों में रहते हैं। उन्हें वो सहूलत फराहम नहीं है और वे पिछडे़ इलाकों में रहते हैं।

दिल्ली की वज़ीर ए आला शीला दीक्षित का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि राजधानी में बिहारियों की ताकत की पहचान बनी है। इस ताकत से दिल्ली की तख्त-ओ-ताज भी चौपट हो जाएगी। वे इस उभरती ताकत को पहचान लें।

उन्होंने कहा कि आज इस रैली में हिस्सा लेने आए बिहारी भीख मांगने नहीं आए हैं, बल्कि अपने हकूक / हक मांगने आए है।

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