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हिंदुस्तान के साथ ओमान की तिजारत और दिफ़ाई ताल्लुक़ात में इज़ाफ़ा

हिंदुस्तान के साथ अपने दिफ़ाई ताल्लुक़ात मज़ीद मुस्तहकम बनाने के मक़सद से तेल की दौलत से मालामाल ओमान ने हिंदुस्तानी सनअतों और इंतेज़ामीया को मदऊ किया है कि वो फ़ाइनेन्स, इंशोरेंस, इंजीनियरिंग और मुवासलात के शोबों में मुशतर्का वेंच

हिंदुस्तान के साथ अपने दिफ़ाई ताल्लुक़ात मज़ीद मुस्तहकम बनाने के मक़सद से तेल की दौलत से मालामाल ओमान ने हिंदुस्तानी सनअतों और इंतेज़ामीया को मदऊ किया है कि वो फ़ाइनेन्स, इंशोरेंस, इंजीनियरिंग और मुवासलात के शोबों में मुशतर्का वेंचर्स क़ायम करें ताकि ख़लीज का इलाक़ा जहां मुख़्तलिफ़ किस्म की मईशत पाई जाती है, सियासी एतबार से मुस्तहकम हो सके।

चंद दिन क़ब्ल वज़ीरे ख़ारिजा सुष्मा स्वराज ने ओमान का दौरा करके वज़ीरे ख़ारिजा ओमान यूसुफ़ बिन अलावी बिन अबदुल्लाह से बात चीत की थी जिस में वज़ीरे ख़ारिजा ओमान ने कहा था कि इन का मुल्क हिंदुस्तान के साथ तिजारती और दिफ़ाई ताल्लुक़ात में इज़ाफ़ा करना चाहता है।

ओमान, हिंदुस्तान को एक दिफ़ाई और अहम शराकतदार समझता है। दोनों ममालिक के जुग़राफ़ियाई अनासिर और समाजी, सक़ाफ़्ती और तारीख़ी इक़दार मुश्तर्क हैं और सदियों क़दीम हैं।

बहरे अरब और बहरे हिंद भी दोनों ममालिक के दरमियान मुश्तर्क समुंद्र हैं। सलतनत की मईशत मुख्तलिफ़ है। बहारे अरब से सलतनत ओमान बहुत कम मुतास्सिर हुई है, हालाँकि दीगर ममालिक में बहारे अरब ने इन्क़िलाबी तब्दीलियां पैदा की हैं।

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