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हिंदुस्तान में शादी को मुआहिदा नहीं माना जाता: अश्विनी

मुंबई, 10 मार्च: नए आर्डिनेंस में शौहर के तरफ से रेप को जुर्म न माने जाने का वजह बताते हुए मरकज़ी कानून वज़ीर अश्विनी कुमार ने कहा कि दिगर जमहूरी ममालिक की तरह हिंदुस्तान में भी शादी को मुआहिदा( Contract) नहीं माना जाता है।

मुंबई, 10 मार्च: नए आर्डिनेंस में शौहर के तरफ से रेप को जुर्म न माने जाने का वजह बताते हुए मरकज़ी कानून वज़ीर अश्विनी कुमार ने कहा कि दिगर जमहूरी ममालिक की तरह हिंदुस्तान में भी शादी को मुआहिदा( Contract) नहीं माना जाता है।

इंडियन मर्चेंट चैंबर की तरफ से मुनाकिद एक प्रोग्राम में उन्होंने कहा कि कानून में हम असर की हकीकत (Contemporary Realities) जरूर दिखनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसी एक वाकिया को दिमाग में रखकर कानून को बनाया या तबदील नहीं किया जाना चाहिए। कानूनों को इस तरह बनाया जाना चाहिए कि दहाई (Decades) तक सभी मामलों को सुलझाया जा सके।

कानूनों में उस वक्त की सामाजी सच्चाइयां दिखनी चाहिए और वह मुल्क की तरक्की में मददगार हों व ज़वाल को रोकें।

ख़्वातीन के खिलाफ जुर्म रोकने के लिए बनाए गए हुक्मनामे / फरमान में हमने कई वजुहात से अज़दवाजी इस्मतदरी (Marital rape) को नहीं शामिल किया।

उसकी एक खास वजह यह है कि हमारे मुल्क में दूसरे जमहूरी मुल्क की तरह शादी को मुआहिदा नहीं माना जाता। लेकिन अलग होने के बाद अगर शौहर उसके साथ रेप करता है तो उसे गिरफ्तार किया जा सकता है।

कुमार ने कहा कि अगले हफ्ते यह फरमान कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। पिछले साल दिसंबर में पूरे समाज को हिलाकर रख देने वाले दिल्ली में हुए गैंगरेप के बाद सरकार ने रिकॉर्ड टाइमलाइन में यह फरमान तैयार किया है।

यह गौर व फिक्र करने की जरूरत है कि कानूनों का गलत इस्तेमाल न किया जा सके । अगर कानून में कोई कमी होगी तो इसकी खिलाफवरजी बढ़ेगी। इसका मिशाल देते हुए उन्होंने कहा कि जहेज़ मुखालिफ कानून की खिलाफवर्जी ज्यादा हो रही है।

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