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हिंदूस्तानी फ़ौजी तैय्यारीयां, 2015 तक 80 अरब डालर , अमरीकी इदारे की रिपोर्ट

कराची। 30 नवंबर । ( एजैंसीज़) हिंदूस्तानी फ़ौजी तैय्यारीयां 2012-में दुनिया की तवज्जा का सर-ए-फ़हरिस्त मौज़ू बनेगा,रवां बरस दुनिया ने इस के जंगी जुनून और फ़ौजी ताक़त के हुसूल पर कोई तवज्जा नहीं दी, अमरीकी जरीदे फ़ारेन पालिसी की en Stories You Mi

कराची। 30 नवंबर । ( एजैंसीज़) हिंदूस्तानी फ़ौजी तैय्यारीयां 2012-में दुनिया की तवज्जा का सर-ए-फ़हरिस्त मौज़ू बनेगा,रवां बरस दुनिया ने इस के जंगी जुनून और फ़ौजी ताक़त के हुसूल पर कोई तवज्जा नहीं दी, अमरीकी जरीदे फ़ारेन पालिसी की en Stories You Missed दस अहम वाक़ियात की ख़ुसूसी रिपोर्ट में सर-ए-फ़हरिस्त indias Military Buildup है, 2011के अहम वाक़ियात जिन के मुताल्लिक़ आलमी सतह पर कोई नोटिस नहीं लिया गया, 2012 में दुनिया के अहम तरीन मौज़ू बन जाऐंगे ।

रिपोर्ट में सर-ए-फ़हरिस्त हिंदूस्तानी फ़ौजी ताक़त का हुसूल और जंगी तैय्यारीयां हैं जिस का दुनिया ने कोई नोटिस नहीं लिया।जरीदे ने हथियारों के मुताल्लिक़ थिंक टैंक की रवां बरस की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि दुनिया में सब से ज़्यादा असलहा दरआमद करने वाला मुलक हिंदूस्तान है। 2006 से2010 के दरमियान दुनिया के बैन-उल-अक़वामी हथियारों की 9 फ़ीसद मुंतक़ली हिंदूस्तान को हुई जो ज़्यादा तर रूस से ख़रीदे गए ।

वाशिंगटन के एक थिंक टाक के अंदाज़े के मुताबिक़ हिंदूस्तान 2015 तक फ़ौज को जदीद ख़ुतूत पर लाने केलिए 80 अरब डालर के क़रीब ख़र्च करेगा। खासतौर पर हिंदूस्तान उस वक़्त समुंद्री ताक़त पर तवज्जा मर्कूज़ किए हुए है।हिंदूस्तान आइन्दा 20 बरसों में 103नए जंगी जहाज़ों पर 5अरब डालर ख़र्च करेगा। इन में तबाह करने वाले और जौहरी आबदोज़ें भी शामिल हैं। इसी अर्से के दौरान चीन 135जंगी जहाज़ों पर 25 अरब डालर ख़र्च करेगा।

हिंदूस्तानी फ़ौजी तैयारीयों की बड़ी वजह पाकिस्तान के साथ तवील अर्से से जारी कशीदगी क़रार दी गई है । इस के साथ कश्मीरी अलैहदगी पसंद और माव नवाज़ बाग़ीयों की तहरीकें भी हैं। हिंदूस्तान के फ़ौजी मंसूबा साज़ों के नज़दीक चीन के साथ फ़ौजी जंगी इमकान की फ़िक्रमंदी भी है। अमरीका चीन की बजाय हिंदूस्तान के फ़ौजी अज़ाइम की हिमायत करता दिखाई देता है। पेनटगान की 2010 Quadrennial Defense Review ने आलमी मुआमलात में हिंदूस्तान के ज़्यादा बाअसरकिरदार का ख़ैर मक़द्दम किया है।

लेकिन यहां कुछ परेशानकुन इशारे ये भी हैं कि इस ख़ित्ते में दो बढ़ती हुई अज़ीम ताक़तों का इमकान काफ़ी नहीं। रूस से गोरबाचोफ़ के दौर-ए-हकूमत में20मिलयन डालर के ख़रीदे गए चीनी जंगी बेड़े ने रवां बरस समुंद्री हदूद में अपने सफ़र का आग़ाज़ करके दुनिया में हलचल मचा दी।

जिस ने हर तरफ़ ये इशारे दिए कि बीजिंग मशरिक़ी एशीया में फ़ौजी ताक़त बन कर उभर रहा है जब कि हिंदूस्तान ख़ित्ते मेंबाला दस्ती का ख़ाहां है। इस फ़हरिस्त में छटे नंबर पर पाकिस्तान की दीगर जंगों और नौवीं नंबर पर दुनिया के जौहरी हथियारों के मुताल्लिक़ भी रिपोर्ट दी गई है।

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