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हिंदूस्तान में ख़ुदग़रज़ी इशाअत उलूम में रुकावट

हैदराबाद06 अगस्त (एजैंसीज़) इंडियन इंस्टीटियूट आफ़ कमीकल टैक्नालोजी में कल कैमिस्ट्री और क़ुदरती पैदावार की कमीकल बायो लो जी के मौज़ू पर मुनाक़िदा बैन-उल-अक़वामी समीनार में ये तास्सुर ज़ाहिर किया गया कि हिंदूस्तान में ख़ुदग़रज

हैदराबाद06 अगस्त (एजैंसीज़) इंडियन इंस्टीटियूट आफ़ कमीकल टैक्नालोजी में कल कैमिस्ट्री और क़ुदरती पैदावार की कमीकल बायो लो जी के मौज़ू पर मुनाक़िदा बैन-उल-अक़वामी समीनार में ये तास्सुर ज़ाहिर किया गया कि हिंदूस्तान में ख़ुदग़रज़ी ज़्यादा है इस लिए साईंसी उलूम का फ़रोग़ नहीं होरहा है और ये भी कहा गया कि आमदनी और मियार-ए-ज़िंदगी के फ़र्क़ के बावजूद हर किसी को तमाम सहूलतें मुसावी तौर पर फ़राहम करने के लिए ईजाद-ओ-इख़तिरा पर तवज्जा दी जाए।

इस सिलसिला में कौंसल बराए साईंस-ओ-सनअती तहक़ीक़ के साबिक़ डायरैक्टर जनरल आर ए मशीलकर ने सस्ती शरह पर सेल फ़ोन सरवेस और कम दाम वाली टाटा नानू कार की फ़रोख़त का ज़िक्र किया। वज़ीर-ए-आज़म की साईंसी मुशावरती कौंसल के सदर नशीन डाक्टर सी एन आर राउ ने समीनार सेख़िताब करते हुए कहाकि साईंसी उलूम के फ़रोग़ और इस की एक नसल से दूसरी नसलमुंतक़ली के लिए कुशादा दिल्ली और कुशादा ज़हन की ज़रूरत ही। इलम फैलाने में फ़य्याज़ी चाहिए ।

हिंदूस्तान में ख़ुदग़रज़ी ज़्यादा है इस लिए साईंसी उलूम का फ़रोग़ नहीं हो रहा है। उन्हों ने कहा कि साईंसदानों की अगली नसल के सामने सब से अहम मसला बर्क़ी पैदावार में इज़ाफ़ा और माहौलियात का तहफ़्फ़ुज़ होगा। उन्हों ने अंदेशा ज़ाहिर किया कि मुस्तक़बिल में बर्क़ी की शदीद क़िल्लत का सामना करना पड़ेगा।

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