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हिंदू राष्ट्र का सिद्धांत, अंबेडकर के सिद्धांतों के साथ संघर्ष

नई दिल्ली: आरएसएस और भाजपा की आलोचना करते हुए कुछ कांग्रेस नेताओं ने आज आरोप लगाया कि भारत को एक नई फासीवादी राज्य में तब्दील किया जा रहा है और पता किया कि अगर वह संविधान में रखते हैं तो हिंदू राष्ट्र के सिद्धांत से वापस हो जाएंगे। राजीव गांधी स्टडी सर्किल के बैनर तले आयोजित डॉ। अंबेडकर की सेवाओं पर एक राष्ट्रीय सेमीनार को सम्बोधित करते हुए पार्टी नेता ने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी की आभरकयादत पूर्ववर्ती राजग सरकार के कार्यकाल में भारत में फासीवाद का कोई घटना नहीं था लेकिन अब यह देश नई फासीवाद की ओर बढ़ रहा है।

जाहिरा तौर पर यह टिप्पणी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने के लिए किया गया है। कांग्रेस नेताओं ने दक्षिणपंथी संगठनों से अम्बेडकर की स्तुति पर सवालिया निशान लगाया और दावा किया कि भगवा संगठन हमेशा वास्तुकार संविधान के सिद्धांत के विरोधी रहे। पूर्व राज्यसभा सदस्य बाल चंद्रा मनगीकर कहा कि ये संगठन दरअसल डॉ। अंबेडकर का जश्न मनाने का ढोंग कर रही हैं। जबकि पीछे एक नए फासीवादी भारत के निर्माण में व्यस्त हैं।

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद फासीवाद को बढ़ावा मिला था। अब यह नई फासीवाद में तब्दील हो गया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल सत्ता में आती हैं जाती हैं, अटल बिहारी वाजपयी भी इस पार्टी से जुड़े थे जिसका नेतृत्व अब नरेंद्र मोदी करते हैं। लेकिन कोई यह दावा नहीं कर सकता कि वाजपयी के शासनकाल (1999-2004) में भारत एक नई फासीवादी राज्य था लेकिन अब हालात बदल गए हैं और देश में फासीवाद का एक नया रूप अंगड़ाई ले रही है।

कांग्रेस नेता ने यह बताया कि भाजपा एकमात्र पार्टी है कि अम्बेडकर के विचारों से सहमत किए बिना वाहक होने का दावा कर रही है। उन्होंने कहा कि लंदन में महज अंबेडकर के घर खरीदने के लिए पर्याप्त नहीं है बल्कि उनके विचारों पर ईमानदारी और ईमानदारी के साथ पालन करने की आवश्यकता है। कांग्रेस महासचिव मुकुल ने कहा कि अंबेडकर ने सामाजिक भेद मिटाने के लिए संघर्ष किया लेकिन जो लोग (भाजपा) समानता में विश्वास नहीं करते वे कैसे अंबेडकर की विचारधारा के साथ न्याय कर सकते हैं।

उन्होंने यह सवाल किया कि जो लोग संविधान में विश्वास का दावा करते हैं क्या वे हिंदू राष्ट्र के सिद्धांत से वापस होने के लिए तैयार हैं लेकिन मैं यह समझता हूं कि भाजपा, आरएसएस और बजरंग दल अपने खतरनाक इरादों से बाज़ नहीं आते होगा और हिन्दू राष्ट्र बनाने के लिए सक्रिय रहेंगे। उक्त सेमीनार डॉक्टर अंबेडकर की 125 वीं जयंती समारोहों के सिलसिले में आयोजित किया गया था जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री ऑस्कर फर्नांडिस और पूर्व मुख्यमंत्री राजस्थान अशोक थानलोट (अध्यक्ष राजीव गांधी स्टडी सर्किल) शरीक थे|

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