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हिंद‍ इसराईल बढ़ती दोस्ती, तिजारत और शराकत ( Partnership)

येरूशलम, १० जनवरी: (पी टी आई) वज़ीर उमूर ख़ारिजा एस एम कृष्णा के यहां दौरा से क़बल हिंदूस्तान ने आज इसराईल को मुख़्तलिफ़ शोबों में अहम शराकतदार क़रार दिया जैसे इन्सिदाद-ए-दहशत गर्दी, दिफ़ाई मैदान, ज़राअत, पानी और तवानाई जहां उसे आने वाले ब

येरूशलम, १० जनवरी: (पी टी आई) वज़ीर उमूर ख़ारिजा एस एम कृष्णा के यहां दौरा से क़बल हिंदूस्तान ने आज इसराईल को मुख़्तलिफ़ शोबों में अहम शराकतदार क़रार दिया जैसे इन्सिदाद-ए-दहशत गर्दी, दिफ़ाई मैदान, ज़राअत, पानी और तवानाई जहां उसे आने वाले बरसों में बढ़ते हुए बाहमी तआवुन की उम्मीद है।

दोनों मुल्कों के दरमयान सिफ़ारती ताल्लुक़ात के रवां बरस 20 साल मुकम्मल होने जा रहे हैं।

हिंदूस्तानी सफ़ीर बराए इसराईल नवतेज सरना ने यहां पी टी आई को बताया कि कई शोबे हैं जिन में हिंदूस्तान और इसराईल मिल जुल कर काम करेंगे, मिल जुल कर काम कर रहे हैं और ये शोबे दोनों मईशतों के लिए अहम हैं। तिल अबीब और नई दिल्ली के दरमयान सिफ़ारती ताल्लुक़ात की तारीख़ तो सिर्फ 1992 से मिलती है लेकिन दोनों मुल्कों के दरमयान रवाबित काफ़ी तेज़ रफ़्तारी से बढ़े हैं।

कृष्णा का दो रोज़ा दौरा-ए-इसराईल ज़ाइद अज़ एक दहिय में किसी हिंदूस्तानी वज़ीर-ए-ख़ारजा का इस तरह का पहला सफ़र है, जो मशरिक़ वुसता में हलचल के दरमयान पेश आ रहा है। 1992 में महिज़ 200 मिलीयन अमरीकी डालर से बाहमी तिजारत बढ़ कर गुज़श्ता साल तक़रीबन 5 बिलीयन डालर तक पहुंच गई।

इतना ही नहीं, बाहमी दिफ़ाई तिजारत लग भग 9 बिलीयन डालर पर क़ायम है और काफ़ी तेज़ी से बढ़ रही है। तिल अबीब रूस के बाद नई दिल्ली के लिए दूसरे सब से बड़े दिफ़ाई सरबराह कनुंदा के तौर उभर आया है। ख़रीदार-फ़रोख़त कनुंदा रिश्ते से आगे बढ़ते हुए हिंदूस्तान और इसराईल दोनों अब रिसर्च ऐंड डेवलपमेन्ट की मुशतर्का सरगर्मीयां शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं।

दोनों ममालिक में एक आज़ाद तिजारत मुआहिदा पर ज़ेर-ए-ग़ौर है और ओहदे दारों का मानना है कि जैसे ही इस पर दस्तख़त हो जाए, तिजारती आदाद-ओ-शुमार में ग़ैरमामूली उछाल देखने में आएगा।

नवतेज सरना ने कहा, हम बड़ी तादाद में ऐसे ममालिक के साथ शराकतदारी उस्तिवार करने कोशां हैं जो हमारे अवाम की हक़ीक़ी सलाहीयत उभारने में मदद करें और हमें मौजूदा शरह पर या इस से भी तेज़ तर शरह पर तरक़्क़ी करने के काबिल बनाए। इस एतबार से इसराईल अहम पार्टनर और हमारे लिए शानदार टैक्नालोजी का ज़रीया है।

एस एम कृष्णा की यरूशलम आमद

इस दौरान वज़ीर उमूर ख़ारिजा एस एम कृष्णा आज दो रोज़ा दौरा-ए-इसराईल पर यहां यरूशलम पहुंचे। कृष्णा अरदन से बराह अलनबई बुरज बॉर्डर पोस्ट ज़रीया कार आए और हिंदूस्तानी क़ासिद बराए इसराईल नवतेज सरना ने यहां इसराईली वज़ारत-ए-ख़ारजा के ओहदे दारों ने इस्तेक्बाल किया।

कृष्णा ने जो मशरिक़ वुसता के दौरे पर हैं, कल अपने इर्दनी हम मंसब नासिर जूदा से मुलाक़ात की थी।

वज़ीर मौसूफ़ का दौरा-ए-अरदन ऐसे मौक़ा पर हुआ जबका-ए-अमान ने 3 जनवरी को इसराईली और फ़लस्तीनी मुज़ाकरात कारों की मेज़बानी की, जो ज़ाइद अज़ एक साल में पहली मीटिंग हुई।

कृष्णा के दौरा को इस ख़ित्ते में हालिया तबदीलीयों को समझने के वसीले के तौर पर देखा जा रहा है।

दरीं असना यहां यरूशलम को अपने दौरे के दौरान कृष्णा तवक़्क़ो है इसराईली सदर शमाउन पेरेज़ और वज़ीर-ए-आज़म बिनियामीन नतनयाहो से मुलाक़ात के इलावा नायब वज़ीर-ए-आज़म और वज़ीर-ए-ख़ारजा अवीगदोर लिबरहान के साथ बातचीत मुनाक़िद करेंगी।

ज़राए ने कहा कि दिफ़ा, स्कियोरटी, ज़राअत और साईंस-ओ-टैक्नालोजी में तआवुन बातचीत में नुमायां तौर पर मौज़ू बनने की तवक़्क़ो है जबकि हिंदूस्तान दिफ़ा के शोबे में शराकतदारी की गुंजाइश को वुसअत देने कोशां है।

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