Tuesday , October 17 2017
Home / India / हिंद-जर्मनी कारोबारी ताल्लुक़ात बेहतर बनाने वज़ीर-ए-आज़म का दौरा

हिंद-जर्मनी कारोबारी ताल्लुक़ात बेहतर बनाने वज़ीर-ए-आज़म का दौरा

नई दिल्ली । 11 । अप्रैल (पी टी आई) वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह ने जर्मन के दौरे पर रवानगी से क़बल कहा कि वो चाहते हैं कि जर्मनी के साथ अज़ीम तर कारोबारी ताल्लुक़ात क़ायम करें। हिन्दुस्तान अंदरून-ए-मुल्क सरमायाकारी में इज़ाफे केलिए इक़दामात ज

नई दिल्ली । 11 । अप्रैल (पी टी आई) वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह ने जर्मन के दौरे पर रवानगी से क़बल कहा कि वो चाहते हैं कि जर्मनी के साथ अज़ीम तर कारोबारी ताल्लुक़ात क़ायम करें। हिन्दुस्तान अंदरून-ए-मुल्क सरमायाकारी में इज़ाफे केलिए इक़दामात जारी रखे हुए है ताकि गैर मुल्की सरमाया हासिल किया जा सके और मईशत को दुबारा उरूज पर लाया जा सके।

तवील मुद्दती शरह तरक़्क़ी का इमकान 8 फ़ीसद बनाया जा सके। वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह तीन रोज़ा सरकारी दौरे पर जर्मनी केलिए रवाना होगए जो हिन्दुस्तान का कलीदी शराकतदार है। जर्मनी इनफ़रास्ट्रक्चर, पैदावारी शोबों और साईंस-ओ-टैक्नालोजी , आला तालीम , माहिराना तरबियत , साफ़ सुथरी और काबुल तजदीद तवानाई के शोबों में दोनों ममालिक की शराकतदारी है।

वज़ीर-ए-आज़म ने कहा कि उन्हें तवक़्क़ो है कि कई मुआहिदात पर और मुफ़ाहमत की याददाश्तों पर इन शोबों में दस्तख़त किए जाएंगे । उन्होंने कहा कि वो जर्मनी के साथ अज़ीम तर तिजारती-ओ-सरमायाकारी ताल्लुक़ात के ख़ाहां हैं। वो चांसलर एंजेला मेरकल से मुतवाज़िन हिंद-योरोपी यूनीयन वसीअ तर तिजारती-ओ-सरमायाकारी मुआहिदे की आजलाना तकमील केलिए ताईद तलब करेंगे।

उन्होंने कहा कि वो यूरोप को तजवीज़ पेश करना चाहते हैं कि वो हिन्दुस्तानी माहिरीन और सरमायाकारों केलिए अपने दरवाज़े खोल दे। मनमोहन सिंह बेन हुकूमती मुशावरती कान्फ़्रैंस के दूसरे मरहले के मेरकल के साथ मुआविन सदर नशीन होंगे। उन्होंने कहा कि आलमी मईशत मुस्तक़िल कमज़ोरी और गैर यक़ीनी सूरत-ए-हाल से गुज़र रही है और वो इस पर मेरकल के साथ तबादला ख़्याल के मुंतज़िर है।

वज़ीर-ए-आज़म ने अपने विदाई पैग़ाम में कहा कि हिन्दुस्तान अक़वाम-ए-मुत्तहिदा की सलामती कौंसल में इस्लाहात और वसीअ पैमाने पर आलमी तब्दीलियों बिशमोल अफ़्ग़ानिस्तान, मग़रिबी एशिया-ए‍और अशयाए कोचक के इलाक़ों पर जर्मनी के साथ तफ़सीली बात चीत करेगा। वज़ीर-ए-आज़म ने कहा कि हिन्दुस्तान जर्मनी से करीबी तआवुन और बाहमी फ़ाइदाबख्श शराकतदारी का ख़ाहां है।

वज़ीर-ए-आज़म के हमराह वुज़राए नई-ओ-क़ाबिल तजदीद तवानाई, साईंस-ओ-टैक्नालोजी-ओ-अर्ज़ीयाती साईंस , तिजारत , सनअत और पार्चाबाफ़ी उमूर ख़ारिजा और फ़रोग़ इंसानी वसाइल हैं।इस के अलावा मेरकल के साथ वज़ीर-ए-आज़म कलीदी बेन अल-अक़वामी और इलाक़ाई मसाइल बिशमोल अफ़्ग़ानिस्तान और इन्सिदाद-ए-दहशत गर्दी पर बात चीत करेंगे।

दोनों ममालिक जी। (ब्राज़ील, हिंदूस्तान , जर्मनी और जापान) तंज़ीम के रुकन हैं और इस बात को यक़ीनी बनाना चाहते हैं कि अफ़्ग़ानिस्तान का मुस्तक़बिल गैर यक़ीनी और गैर मुस्तहकम सूरत-ए-हाल का शिकार ना रहे। चांसलर जर्मनी मनमोहन सिंह के एज़ाज़ में कल सुबह दावत का एहतिमाम करेंगी। वज़ीर-ए-आज़म का ममलकत जर्मनी की चानसलरी में रिवायती इस्तिक़बाल किया जाएगा।बादअज़ां वो मेरकल के साथ मुशतर्का सदर नशीन होंगे। वो वापसी से क़बल सदर जर्मनी से भी 12 अप्रैल को मुलाक़ात करेंगे।

TOPPOPULARRECENT