Tuesday , October 24 2017
Home / Sports / हिंद-वैस्ट इंडीज़ आज पहले टेसट का दिल्ली में आग़ाज़

हिंद-वैस्ट इंडीज़ आज पहले टेसट का दिल्ली में आग़ाज़

नई दिल्ली 6 नवंबर (पी टी आई) दिल्ली का तारीख़ी फ़िरोज़ शाह कोटला ग्रांऊड हिंदूस्तानी क्रिकेट टीम के और टीम के मास्टर ब्लास्टर सचिन तनडोलकर के लिए अच्छा रहा है और उम्मीद की जा रही है कि कल से इस मैदान पर खेले जाने वाले वैस्ट इंडीज़ के ख़िल

नई दिल्ली 6 नवंबर (पी टी आई) दिल्ली का तारीख़ी फ़िरोज़ शाह कोटला ग्रांऊड हिंदूस्तानी क्रिकेट टीम के और टीम के मास्टर ब्लास्टर सचिन तनडोलकर के लिए अच्छा रहा है और उम्मीद की जा रही है कि कल से इस मैदान पर खेले जाने वाले वैस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ पहले टेसट में हिंदूस्तानी टीम और तनडोलकर अपनी बेहतरीन कारकर्दगी का मुज़ाहरा करेंगे।

सचिन तनडोलकर के पास इस मैदान में लिटिल मास्टर सुनील गवासकर और साबिक़ कप्तान दिलीप वीनगसर को पीछे छोड़ते हुए सब से ज़्यादा रन बनाने और अपने करियर में अपनी सैंचरियों की सैंचरीयाँ बनाने का सुनहरी मौक़ा है। दरीं असना वैस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ हिंदूस्तानी टीम के पास भी जीत हासिल करने का अच्छा मौक़ा होगा।

फ़िरोज़ शाह कोटला ग्रांऊड में सब से ज़्यादा रन बनाने का रिकार्ड दिलीप वेंगसरकर के नाम है जिन्होंने यहां खेले गए अपने आठ टेसट मुक़ाबलों की 12 इन्निंगज़ में 671 रन बनाए हैं जबकि सुनील गवासकर रन बनाने के मुआमले में वेंगसरकर से तीन रन पीछे हैं।सुनील गवासकर ने कोटला मैदान में अपने खेले गए नौ मैचों की 14 इन्निंगज़ में 668 रन बनाए हैं जबकि सचिन तनडोलकर अपने आठ मैचों की 15 इन्निंगज़ में 643 रन बनाकर तीसरे नंबर पर हैं।

इस मैदान पर ज़्यादा रन बनाने वाले मौजूदा बैटस्मैनों में राहुल दरावीड (50) और वे वे ऐस लक्ष्मण (78) शामिल हैं। दिल्ली के खिलाड़ियों का इस मैदान पर कोई ख़ास मुज़ाहरा नहीं रहा है। टीम के सरकरदा ओपनर गौतम गंभीर अपने दो टेसट मैचों में 247 रन बनासके हैं जबकि अपनी जारिहाना बैटिंग के लिए मशहूर वीरेंद्र सेहवाग ने अपनी यहां तीन इन्निंगज़ में 74, एक और 16 रन का स्कोर किया है।

वीरा टिक्कू हिली अभी तक कोटला मैदान पर टेसट नहीं खेले हैं।इस मैदान पर गरचा बैटस्मैनों का रिकार्ड काफ़ी अच्छा है लेकिन हिंदूस्तानी टीम का इस मैदान पर वैस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ रिकार्ड बेहतर नहीं है।

इस मैदान पर वैस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ खेले गए 6 मुक़ाबलों में क़ौमी टीम को एक भी जीत नहीं मिली है जबकि वैस्ट इंडीज़ ने यहां दो मैच जीते हैं जबकि चार मैच डरा रही। वैस्ट इंडीज़ ने इस मैदान पर अपनी कामयाबी का आग़ाज़ 1974 में किया था जब इस ने मेज़बान टीम को एक इन्निंगज़ और 17 रन के बड़े फ़र्क़ से शिकस्त दी थी ।

बादअज़ां 1987 में हिंदुस्तान को वैस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ इसी मैदान पर 5 विकेट की शिकस्त का सामना करना पड़ा था।मजमूई कारकर्दगी के मुआमले में इस मैदान पर मेहमान वैस्ट इंडीज़ को बरतरी हासिल है और इस मैदान पर बनाए गए सब से ज़्यादा मजमूई स्कोर भी वैस्ट इंडीज़ के नाम हैं। वैस्ट इंडीज़ ने 6 फरवरी 1959 को इस मैदान पर मैदान का सब से बड़ा स्कोर किया था।इस दौरे के इस मैच में वैस्ट इंडीज़ ने 214 ओवर में आठ विकेट के नुक़्सान पर 644 रन बनाए थी।

मेहमान टीम ने अपने इस स्कोर पर अपनी इन्निंगज़ डकलीइर करदी थी।वैस्ट इंडीज़ ने 10 नवंबर 1948 को हिंदुस्तान के ख़िलाफ़ कोटला ग्रांऊड पर 183.4 ओवर्स में 631 रन बनाए थे जो इस मैदान पर दूसरा सब से बड़ा स्कोर है।इस मैदान पर हिंदुस्तानी क्रिकेट टीम का सब से बड़ा स्कोर विकेट पर 613 रन रहा है। मेज़बान टीम ने 29 अक्तूबर 2009-ए-में आस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ इस हमालयाई स्कोर पर अपनी इन्निंगज़ डकलीइर की थी।हिंदुस्तान क्रिकेट टीम ने इस मैदान पर वैस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ अपना सब से ज़्यादा स्कोर 566 रन किया है।
टीम इंडिया ने 24 जनवरी 1979 को वैस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ अपनी इन्निंगज़ 8 विकेट पर 566 रन बनाकर डकलीइर की थी।कल यहां खेले जाने वाले पहले टेसट में फिर एक मर्तबा सचिन तनडोलकर की 100 वीं टेसट सैंचरी तवज्जा का मर्कज़ होगी। ताहम वैस्ट इंडीज़ के कोच ऊटीज़ गिबसन ने कहा कि तनडोलकर को 100 वीं टेसट का संग-ए-मेल उबूर करना आसान नहीं होगा।

दूसरी जानिब हिंदूस्तानी क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा है कि सचिन तनडोलकर इस मैदान पर 100 वीं सैंचरी का संग-ए-मेल उबूर करेंगे उस की हमें उम्मीद है। दरीं असना कल वैस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ खेले जाने वाले पहले टेसट में क़वी इमकान है कि आर अश्विन अपने टेसट करियर का आग़ाज़ करेंगे।

TOPPOPULARRECENT