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हिन्दुस्तानी तेल कंपनीयों में तख़फ़ीफ़ सरमाया कारी

अमरीका की पेन्शन फंड्स कंपनी केलिपर्स ने मुख़्तलिफ़ हिन्दुस्तानी तेल कंपनीयों के हिसस में अपनी सरमाया कारी के बारे में अंदेशे ज़ाहिर करते हुए अपना सरमाया वापिस ले लिया, क्योंकि तिजारती मुफ़ादात ईरान से वाबिस्ता हैं। इन तेल कं

अमरीका की पेन्शन फंड्स कंपनी केलिपर्स ने मुख़्तलिफ़ हिन्दुस्तानी तेल कंपनीयों के हिसस में अपनी सरमाया कारी के बारे में अंदेशे ज़ाहिर करते हुए अपना सरमाया वापिस ले लिया, क्योंकि तिजारती मुफ़ादात ईरान से वाबिस्ता हैं। इन तेल कंपनीयों में ऑयल इंडिया और पेटरोनेट एल एन जी शामिल हैं।

यल्पर्स ने एक और सरकारी ज़ेरइंतज़ाम तवानाई कंपनी ऑयल इंडिया लिमेटेड में भी आइन्दा सरमाया कारी के इमकानात को मुस्तर्द कर दिया है, हालाँकि ये हिंदूस्तान के सरकारी शोबा की सब से बड़ी तेल और क़ुदरती ग़ैस की कंपनी है।
इलावा अज़ीं अमरीकी कंपनी केलिपर्स हिंदूस्तान के तेल और क़ुदरती ग़ैस के सब से बड़े सरकारी ज़ेरइंतज़ाम कारपोरेशन (ओ एन जी सी) पर भी निगरानी रखे हुए हैं, क्योंकि इस के भी ईरान से ताल्लुक़ात का इमकान है।

पेन्शन फ़ंड ने अपनी सालाना क़ानूनसाज़ी रिपोर्ट में कहा कि वो इन तमाम हिन्दुस्तानी कंपनीयों में सरमाया कारी से आइन्दा भी गुरेज़ करेगी। रिपोर्ट में केलिपर्स ने ईरान से मुताल्लिक़ सरमाया कारी के मुख़्तलिफ़ फ़ैसलों की तफ़सील ब्यान की है और कहा है कि हिन्दुस्तानी तवानाई कंपनी बी पी सी एल में 46 लाख अमरीकी डालर की सरमायाकारी ताहम हेनवज़ बरक़रार रहेगी।

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