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हिन्दुस्तान की तलख़ीस शूदा यौरा नियम की फ़रोख़त के पेशकश का इन्किशाफ़

नई दिल्ली 13 अप्रैल (पी टी आई) हिन्दुस्तान के न्यूक्लियर कारख़ानों से तख़लीस शूदा यौरा नियम फ़रोख़त करने की एक बिज़नसमैन की पेशकश का इन्किशाफ़ करते हुए विकिलीक्स ने दावा किया है कि एक नेपाली सिफ़ारत कार ने जो इस मामले से मुताल्लिक़ था, अ

नई दिल्ली 13 अप्रैल (पी टी आई) हिन्दुस्तान के न्यूक्लियर कारख़ानों से तख़लीस शूदा यौरा नियम फ़रोख़त करने की एक बिज़नसमैन की पेशकश का इन्किशाफ़ करते हुए विकिलीक्स ने दावा किया है कि एक नेपाली सिफ़ारत कार ने जो इस मामले से मुताल्लिक़ था, अमेरीकी सिफ़ारत ख़ानों को 1973 के अवाख़िर में मुसलसल कई मुक्तो बात रवाना किए थे। अमेरीकी सिफ़ारत कारों, हिन्दुस्तानी न्यूक्लियर इंतेज़ामीया से मुशावरत और नेपाली शख़्स को फ़राहम करदा नमूनों की जांच से इन्किशाफ़ हुआ था कि ये पेशकश ग़लतबयानी थी।

विकिलीक्स ने कसीनजर केबल्स जारी किए हैं जिन से केबल्स के सरगर्म बाहमी तबादले की झलक नज़र आती है और हिन्दुस्तान मुबय्यना फ़शारी माद्दे में मुलव्विस ज़ाहिर होता है जो मुबय्यना तौर पर न्यूक्लियर कारख़ानों से बंबई के इलाक़े में मुंतक़िल किया गया था।

इस तमाम हंगामे का आग़ाज़ अमेरीकी सिफ़ारत ख़ाना बराए नेपाल के एक केबल से हुआ जो 26 सितंबर 1973 को रवाना करते हुए अमेरीका के महिकमा-ए-ख़ारजा को नेपाली बिज़नसमैन ठाकुर के उन से रब्त पैदा करने और 3 किलोग्राम यौरा नियम माहाना फ़रोख़त करने की पेशकश का इन्किशाफ़ हुआ।

ये यौरा नियम 40 हज़ार अमेरीकी डालर फ़ी किलोग्राम की क़ीमत पर फ़रोख़त की जाने वाली थी। ठाकुर ने दावा किया था कि वो नेपाल के सफ़ीर बराए जापान का भाई है। इस ने अमेरीकी सिफ़ारत ख़ाना के राबिता कार से ये भी कहा था कि वो काठमांडू में क़ायम दीगर सिफ़ारत ख़ानों को भी यौरा नियम फ़राहम करेगा।

इस ने जर्मनी, चीन और जापान के सिफ़ारत ख़ानों के नाम ज़ाहिर किए थे और कहा था कि अगर अमेरीका ये यौरा नियम ख़रीदने से दिलचस्पी नहीं रखता तो वो यौरा नियम दीगर सिफ़ारत ख़ानों को फ़रोख़त करसकता है। हिन्दुस्तान से महिकमा-ए-ख़ारजा अमेरीका को एक और केबल रवाना किया गया था जिस में इस मामले पर हकूमत-ए-हिन्द की तवज्जु मर्कज़ करने के लिए रहनुमाई तलब की गई थी। ताकि खु़फ़ीया खेल के बारे में कार्रवाई की जा सके।

विकिलीक्स के इन्किशाफ़ में कहा गया है कि इस मामले में हकूमत-ए-हिन्द के ख़िलाफ़ इल्ज़ामात आइद करना , एतिमाद और भरोसे के माहौल को नुक़्सान पहूँचा सकता है जिस में हिन्दुस्तानी न्यूक्लियर तवानाई के पुरअमन इस्तेमाल का मुआहिदा करना चाहते हैं।

10 अक्टूबर 1973 को एक केबल रवाना की गई थी जिस में तलख़ीस शूदा यौरा नियम का नमूना जांच के लिए रवाना करने की बात कही गई थी। उस वक़्त के वज़ीर-ए-ख़ारजा अमेरीका हेनरी कसीनजर ने हिन्दुस्तान में अमेरीकी सिफ़ारत ख़ानों वाक़्य दिल्ली, मुंबई और कठमनडो को 16 अक्टूबर को इत्तेला दी थी कि अगर नमूने का माद्दा रीडयाई लिहाज़ से ताबकार नहीं है तो इस बारे में तहक़ीक़ात की जाएं।

दो दिन बाद कसीनजर ने एक और टेलीगराम रवाना करते हुए कहा था कि ऐटमी तवानाई कमीशन के तजज़िया से ज़ाहिर होता है कि बुनियादी तौर पर नमूने में शामिल लोहा थोड़ी सी मिक़दार में मैंगनीज़ रखता है। ऐसा मालूम होता है कि हिन्दुस्तान भी अमेरीकीयों को इस बारे में ला इल्म रखना चाहता था क्योंकि कसीनजर ने नई दिल्ली में अपने सिफ़ारतख़ाने को हिदायत दी थी कि सदर नशीन अमेरीकी तवानाई कमीशन को इस दरयाफ़त से वाक़िफ़ करवा दिया जाये।

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