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हिन्दूस्तानी ज़बानों को आलमी सतह पर उजागर करने की ज़रूरत

तिरूपति 28 दिसमबर: सदर जमहूरीया परनब मुख‌र्जी ने आज कहा कि हिन्दूस्तानी ज़बानों को दुनिया भर में ज़्यादा से ज़्यादा अंदाज़ में पेश करने की ज़रूरत है ।

तिरूपति 28 दिसमबर: सदर जमहूरीया परनब मुख‌र्जी ने आज कहा कि हिन्दूस्तानी ज़बानों को दुनिया भर में ज़्यादा से ज़्यादा अंदाज़ में पेश करने की ज़रूरत है ।

सदर जमहूरीया ने चौथी आलमी तेलगु कांफ्रेंस से इफ़्तिताही ख़िताब करते हुए कहा कि हिन्दूस्तानी ज़बानों में तख़लीक़ी अंसर की कोई कमी नहीं है और ना इन में सलाहियतों का फ़ुक़दान है ।

ज़रूरत इस बात की है कि एसे प्लेट फॉर्म्स फ़राहम किए जाएं जिन के ज़रीये हिन्दूस्तानी ज़बानों को आलमी सतह पर पेश किया जा सके ताकि हिन्दूस्तानी अदब में जो तख़लीक़ी महारतें हैं वो सारी दुनिया में फैल सकें।

परनब मुख‌र्जी ने कहा कि ज़बानें सिर्फ़ गुफ़्तगु और तरसील का ज़रीया ही नहीं हैं बल्के ज़बानें और अदब हमारी विरसा हैं। उन्हों ने कहा कि इन ज़बानों और अदब के ज़रीया हमारे समाज की जड़ों की अक्कासी करती हैं और उन्हें पेश करती हैं ।

जहां तक फ़रोग़ अदब का सवाल है ये काम सिर्फ़ हुकूमत की मदद की बुनियादों पर ही नहीं होसकता । इसे में वो तमाम ज़िम्मेदारों से ख़ाहिश करते हैं कि वो हिन्दूस्तानी ज़बानों और अदब के फ़रोग़ हौसलाअफ़्ज़ाई और तहफ़्फ़ुज़ में अपना रोल अदा करें।

सदर जमहूरीया ने कहा कि ये बहुत अहमियत की बात है कि तेलगू ज़बान और तहज़ीब की क़दरों को मज़ीद वाज़िह किया जाये । उन्हों ने कहा कि ये सब की ज़िम्मेदारी है कि इस ज़बान की सहतमनदाना तरक़्क़ी और फ़रोग़ के लिए हर मुम्किना कोशिश की जाये ताकि इस ज़बान में जो वसीअ इलम और नज़रियात हैं उन से दूसरों को भी फ़ायदा होसके ।

उन्हों ने कहा कि इस बात की कोशिशें भी की जानी चाहिऐं कि तेलगू की तारीख में जो कुछ भी रिसर्च हुआ है इस का तहफ़्फ़ुज़ होना चाहीए और मज़ीद रिसर्च के लिए नए प्राजेक्टस की हौसलाअफ़्ज़ाई की जानी चाहीए ।

उन्हों ने कहा कि आलमी तेलगू कांफ्रेंस में जो मशहूर शख्सियतें शोअरह अदीब और दानिश्वर-ओ-फ़नकार शिरकत कर रहे हैं उन से इस कांफ्रेंस को नई जिहत अता हुई है । उन्हों ने इस तरह की कांफ्रेंस के वक़फे वक़फे से एहतिमाम की ज़रूरत पर ज़ोर दिया ।

उन्हों ने इस उम्मीद का इज़हार किया कि कांफ्रेंस में जो नकात पेश किए जाएंगे उन का रियासती हुकूमत की तरफ से जायज़ा लेते हुए उन को हक़ीक़त में तब्दील करने की कोशिश की जाएगी । गवर्नर ई एस एल नरसिम्हन ने कांफ्रेंस में साव नयर की रस्म इजरा अंजाम दी ।

चीफ मिनिस्टर किरण कुमार रेड्डी ने कांफ्रेंस से ख़िताब करते हुए कहा कि हुकूमत अदब मूसीक़ी वगैरह की मुख़्तलिफ़ एके डैमों का एहया-ए-अमल में लाने इक़दामात करेगी और स्कूली सतह पर तेलगू को लाज़िमी करदिया जाएगा।

उन्हों ने कहा कि अगर मुम्किन होसका तो तेलगू के लिए अलैहदा वज़ारत भी तशकील दी जाएगी । बला सुब्रामणियम और दीगर मशहूर अदीबों शोअर और सिंगरों वगैरह को तहनियत पेश की गई ।

मर्कज़ी मिनिस्टर उफ़ स्टेट रेलवेज़ कोटला भास्कर रेड्डी बलराम नाएक के अलावा रियासती वुज़रा वि वसंत कुमार जी अरूना कुमारी और तिरुमला तिरूपति देव असथानम के सदर नशीन बापी राजू और दूसरी अहम शख्सियतें भी मौजूद थीं।

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