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हुकूमत तेलंगाना का पहला बजट पेश, कोई नया टैक्स नहीं

हुकूमत तेलंगाना ने साल 2015-2016 के लिए जुमला 1,15,689 करोड़ रुपये मसारिफ़ पर मुश्तमिल बजट असेंबली में पेश किया। जिस में ग़ैर मंसूबा जाती मसारिफ़ का तख़मीना बजट 63,306 करोड़ रुपये और मंसूबा जाती मसारिफ़ का तख़मीना बजट 52,383 करोड़ रुपये शामिल हैं जबकि तख़मीन

हुकूमत तेलंगाना ने साल 2015-2016 के लिए जुमला 1,15,689 करोड़ रुपये मसारिफ़ पर मुश्तमिल बजट असेंबली में पेश किया। जिस में ग़ैर मंसूबा जाती मसारिफ़ का तख़मीना बजट 63,306 करोड़ रुपये और मंसूबा जाती मसारिफ़ का तख़मीना बजट 52,383 करोड़ रुपये शामिल हैं जबकि तख़मीनी इज़ाफ़ी मालिया 531करोड़ रुपये और मालीयाती ख़सारा का तख़मना 16,969 करोड़ रुपये है।

ठीक 10 बजे सुबह एवान की कार्रवाई का आग़ाज़ हुआ, स्पीकर तेलंगाना क़ानूनसाज़ असेंबली मधु सुदन चारी ने बजट की पीशकशी का एलान किया और वज़ीर फाइनैंस हुकूमत तेलंगाना ई राजिंदर से रियासत तेलंगाना का साल 2015-2016 के लिए बजट पेश करने की हिदायत दी।

वज़ीर फाइनैंस ने अपने पेश करदा बजट में बताया कि रियासत तेलंगाना को अक़लियती तबक़ात की फ़लाह-ओ-बहबूद के लिए जुमला 1105 करोड़ रुपये मुख़तस किए गए हैं। ई राजिंदर वज़ीर फाइनैंस ने तक़रीबन एक घंटे में (36) सफ़हात पर मुश्तमिल बजट तक़रीर मुकम्मिल की और बताया कि जी एसडी पी के फ़ीसद की हैसियत से तख़मीनी मालीयाती ख़सारा 3.49फ़ीसद है।

उन्होंने कहा कि साल 2014-15 के बिलमुक़ाबिल ग़ैर मंसूबा मसारिफ़ में इज़ाफे का सबब सरकारी मुलाज़िमीन की तनख़्वाहों और भत्ताजात में इज़ाफ़ा है। हुकूमत के साल 2015-16 में मंसूबा मसारिफ़ में इज़ाफे के लिए शदीद दबाव‌ का सामना है जिस का बुनियादी सबब14वीं फाइनैंस कमीशन के मुतवक़्क़े मुहासिल इख़तिसास में कमी और मर्कज़ से मंसूबाजाती रक़म में तख़फ़ीफ़ है।

इस तरह साल 2015-16 में मुतवक़्क़े मुहासिल इख़तिसास का तख़मीना 12.823 करोड़ रुपये है। मर्कज़ी हुकूमत ने रियासतों के लिए मंसूबाजाती ग्रान्ट्स में ग़ैरमामूली हद तक कमी करते हुए साल2014-2015 में (तख़मीनी मुवाज़ना ) 3,14,814 करोड़ रुपये के बिलमुक़ाबिल साल 2015-16 में ( तख़मीनी मवाना ) 1,80,293 करोड़ रुपये कर दिया है जिस के नतीजे में साल 2015-2016 के तख़मीना मुवाज़ना में रियासतों को मर्कज़ से मिलने वाले मंसूबाजाती ग्रान्ट्स 6,497.29करोड़ रुपये है जबकि साल 2014-15 के तख़मीना मुवाज़ना में ये रक़म 11,781करोड़ रुपये थी।

लिहाज़ा मर्कज़ी हुकूमत की तरफ से फंड्स की कमी की वजह से हमारी हुकूमत ने ( तेलंगाना हुकूमत ने ) मंसूबा मसारिफ़ में कमी की है। हैदराबाद को आलमी दर्जा का शहर बनाने के लिए 2000 करोड़ रुपये मुख़तस किए गए हैं इन में बलदिया और हैदराबाद मेट्रो रेल के लिए भी रक़ूमात शामिल हैं।

हुकूमत ने शहरे हैदराबाद को जारीया साल के इख़तेताम तक इज़ाफ़ी 210 मिलियन गयालन पानी की सरबराही को यक़ीनी बनाने का फ़ैसला किया है। इसी तरह माह मई से शहर में कोई बर्क़ी कटौती नहीं होगी। हुसैनसागर तालाब की सफ़ाई के ज़रीये ख़ूबसूरत बनाया जाएगा। हैदराबाद में स्काई लाइन डेवलपमेंट के लिए 1600 करोड़ रुपये मुख़तस किए गए हैं।

हैदराबाद मेट्रो रेल प्रोजेक्ट की जुलाई 2017 तक तकमील को यक़ीनी बनाया जाएगा।वज़ीर फाइनैंस ई राजिंदर ने अपनी बजट तक़रीर का आग़ाज़ करते हुए कहा कि ये मेरे लिए बड़ा अहम और अज़ीम लम्हा हैके में ( ई राजिंदर ) इस नई रियासत तेलंगाना के पहले मुकम्मिल साल का मुवाज़ना ( बजट) बराए साल 2015-16 पेश कररहा हूँ।

उन्होंने कहा कि इस बजट की पीशकशी को में बड़ा फ़ख़र समझता हूँ के पहला मुकम्मिल सालाना मुवाज़ना ( मुकम्मिल सालाना बजट) पेश करने का मुझे एज़ाज़ हासिल हुआ है।

इस सिलसिले में तेलंगाना के अवाम चीफ़ मिनिस्टर के चन्द्रशेखर राव‌ और मुअज़्ज़िज़ अरकाने एवान का दिल की गहिराईयों से इज़हार-ए-तशक्कुर करता हूँ। उन्होंने कहा कि साल गुज़श्ता जब दस माह का बजट पेश किया गया जो कि बहुत ही मुश्किल अमर था इस लिए कि साल 2014-15 के बजट की तैयारी में कई उमोर जैसे मालीयाती गुंजाइश और मर्कज़ी इमदाद नामालूम थीं लेकिन में उन मुश्किलात पर चीफ़ मिनिस्टर के चन्द्रशेखर राव‌ की मुकम्मिल रहनुमाई और हिदायात के ज़रीये ही क़ाबू पा सका।

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