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हुकूमत महाराष्ट्रा के विदर्भा ख़ित्ता को नज़र अंदाज़ करने की शिकायत

नागपुर, १४ नवंबर ( पीटीआई) अब जबकि महाराष्ट्रा में पृथ्वी राज चौहान की क़ियादत वाली जमहूरी महाज़ की हुकूमत ने अपने दो साल मुकम्मल कर लिए हैं वहीं अब ये क़ियास आराईयां की जा रही हैं कि काबीना (Cabinet) में रद्दोबदल हो सकती है ।

नागपुर, १४ नवंबर ( पीटीआई) अब जबकि महाराष्ट्रा में पृथ्वी राज चौहान की क़ियादत वाली जमहूरी महाज़ की हुकूमत ने अपने दो साल मुकम्मल कर लिए हैं वहीं अब ये क़ियास आराईयां की जा रही हैं कि काबीना (Cabinet) में रद्दोबदल हो सकती है ।

ख़ुद मिस्टर चौहान ने गुज़शता माह ये इशारा दिया था कि रियासत के मानसून सेशन के 10 दिसंबर से आग़ाज़ से क़बल काबीना में रद्दोबदल के इम्कानात हैं । ज़राए के मुताबिक़ ये रद्दोबदल इसलिए भी ज़रूरी है कि 2014 में रियास्ती असेंबली और आम इंतिख़ाबात के वक़्त हुकूमत बिलकुल मुस्तहकम हो और उसे इस बात का कोई अंदेशा ना हो कि 2014 के इंतिख़ाबात में इस का सफ़ाया हो जाएगा ।

लिहाज़ा काबीना में अगर रद्दो बदल की जाए तो नए चेहरे सामने आयेंगे और उन की बेहतरीन कारकर्दगी से अवाम को भी मुतमईन किया जा सकता है । ज़राए ने फ़िलहाल इसे एक रुख़ी रास्ता से ताबीर किया है जहां कांग्रेस के लिए अवाम की मुहब्बत और एतिमाद तो अपनी जगह बरक़रार है लेकिन कांग्रेस ने गुज़शता कुछ सालों के दौरान अवाम के इस एतिमाद और मुहब्बत का जवाब नहीं दिया है ।

इस की कलीदी वजह ये है कि मर्कज़ी हुकूमत ये समझने लगी है कि सिर्फ़ मग़रिबी महाराष्ट्रा से ताल्लुक़ रखने वाले मराठी अवाम ही काबिल इतना और काबिल-ए-तवज्जा हैं और दीगर किसी फ़िर्क़ा का कोई मुस्तहकम मौक़िफ़ नहीं है । इस ख़ित्ता के एक सीनीयर कांग्रेस क़ाइद ने शनाख़्त मख्फ़ी ( गुप्त) रखे जाने की शर्त पर ये बात बताई ।

ओ बी सी और शैडूल ट्रायबल्स की तक़रीबन 700 कम्यूनिटीज़ को इक़तिदार ( सत्ता) से दूर रखा गया है जबकि नेहरू गांधी ख़ानदान की पहली तीन नसलों के साथ ये मुआमला नहीं है ।

जवाहर लाल मेहरू ने 1962 में मिस्टर कुवंर को महाराष्ट्रा का वज़ीर-ए-आला बनाया था जबकि इंदिरा गांधी के ज़माने में बंजारा फ़िर्क़ा से ताल्लुक़ रखने वाले वसंत रा नाविक को वज़ीर-ए-आला बनाया गया था जो 11साल एस ओहदा पर फ़ाइज़ रहे । यहां तक कि मर्कज़ी में भी वसंत साठे और एन के पी सालोसे को अहम ओहदे तफ़वीज़ किए गए लेकिन अब वो सुनहरा दौर ख़त्म हो चुका है ।

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