Sunday , October 22 2017
Home / Khaas Khabar / हुजूर यह कैसा इंसाफ है?’

हुजूर यह कैसा इंसाफ है?’

बिहार के साबिक वज़ीर ए आला और राष्ट्रीय जनता दल के स्प्रीमो लालू प्रसाद यादव को स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने जैसे ही 5 साल की कैद और 25 लाख जुर्माने की सजा सुनाई उनका चेहरा फक्क पड़ गया। सजा सुनाए जाने के बाद लालू ने कहा,'हुजूर मैं बेकसूर हूं

बिहार के साबिक वज़ीर ए आला और राष्ट्रीय जनता दल के स्प्रीमो लालू प्रसाद यादव को स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने जैसे ही 5 साल की कैद और 25 लाख जुर्माने की सजा सुनाई उनका चेहरा फक्क पड़ गया। सजा सुनाए जाने के बाद लालू ने कहा,’हुजूर मैं बेकसूर हूं। मैंने ही पूरे मामले की जांच के लिए एफआईआर दर्ज करवाई और मुझे ही फंसा दिया गया, यह कैसा इंसाफ है?’

लालू यादव ने सजा सुनाए जाने के बाद विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिये जेल से ही हाथ जोड़े हुए स्पेशल सीबीआई जज प्रवास कुमार सिंह से कहा, ‘जी हुजूर हमें फंसाया गया, मैं बेकसूर हूं। पूरे मामले की जांच के लिए मैंने ही FIR दर्ज करवाने के हुक्म दिए थे और मुझे ही फंसा दिया गया। यह कैसा इंसाफ है?’

लालू ने कहा, ‘मुझे साजिश के तहत फंसाया गया है।’ उन्होंने कहा कि उन्होंने 30 सितंबर को इस मामले में फैसला सुनाए जाने के दौरान भी अदालत से गुजारिश की थी कि सियासी साजिश के तहत ही उन्हें इस मामले में फंसाया गया था। जज ने लालू की बात सुनने के बाद कहा कि उन्होंने पूरे मामले की संजीदगी से मुतालअ किया है और सही फैसला दिया है। जज ने कहा, ‘अगर इस फैसल से वह मुतमईन नहीं हैं तो वह ऊपरी अदालतों में अपील में जाने के लिए आजाद हैं।’

TOPPOPULARRECENT